Why is Sidhu silent when the statue of Sher-e-Punjab

शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को तीसरी बार तोड़े जाने पर चुप क्यों सिद्धू ?

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पंजाब (पंजाब 365 न्यूज़ ) : पाकिस्तान में कई बार देखा गया है की हिन्दू लोगो की मान मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाले काम अक्सर वहा किये जाते हैं। कुछ समय पहले ही हमने देखा था की वहां हिन्दू मंदिर को बहुत बुरी तरह तोडा गया था। जो की बहुत निंदनीय था। अब बात करे लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति की तो उसे भी बहुत बेरहमी से तोडा गया है। लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति तोड़ने के मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दोस्त और पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू पर अमृतसर में सवाल उठे हैं। मंगलवार को इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में पंजाब के लोगों ने गुस्सा जताया है। श्री गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी इसकी कड़ी निंदा की है। एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह भिट्टेवाड्ड ने कह चुके हैं कि महाराजा रणजीत सिंह के बुत की वहां के कट्टरपंथी संगठनों की ओर से तोड़-फोड़ करना अति निंदनीय है। पाकिस्तान की सरकार को कट्टरपंथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
दो दिन पहले उनके एक सलाहकार मालविंदर सिंह माली ने भी विवादित बात कही है। इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कश्‍मीर को अलग देश बताया। कहा कि भारत ने इस पर कब्‍जा कर रखा है। माली ने तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे को भी सही ठहराया। इसके बाद से माली भी विरोधी पार्टियों के निशाने पर हैं। माली वही शख्स हैं जिन्होंने एक सप्ताह पहले कहा था कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का एजेंडा लागू कर रहे हैं।
अमृतसर में भाजपा अध्यक्ष सुरेश महाजन ने महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को लेकर सिद्धू की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने समर्थकों के साथ महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति तोड़ने के विरोध में अमृतसर में रोष मार्च भी निकाला। उन्होंने कहा कि इससे पहले पाकिस्तानी कट्टरपंथियों ने मंदिर में जमकर उत्पात मचाके हुए तोड़फोड़ की गई थी। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू से सवाल किया कि वह शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को तीसरी बार तोड़े जाने पर चुप क्यों हैं? क्या इसके पीछे उनकी इमरान खान और जनरल बाजवा से दोस्ती तो कारण नहीं है? या फिर वो कट्टरपंथियों की हिमायत करते हैं? उन्होंने कहा कि सिद्धू की चुप्पी से साफ जाहिर है कि वो पाकिस्तान के समर्थक हैं। अमृतसर के अलावा जालंधर, लुधियाना सहित पंजाब के अन्य शहरों में भाजपा और हिंदू संगठनों ने महाराजा की मूर्ति तोड़ने का विरोध किया है।

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