The lady employee did not pick up

साहिब का फोन ना उठाना पड़ा महिला कर्मचारी को भारी ,गुस्साए साहब ने गुस्से में आकर महिला कर्मी को नौकरी से निकाला

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जगराओं :-(दिनेश शर्मा ज्ञानदेव बेरी) : यह घटना जगराओं के वीडिपीओ दफ्तर की है जहां पर कल एक महिला कर्मी अनुराधा जो कंप्यूटर ऑपरेटिंग का काम करती है को अपने साहिब बीडीपीओ अफसर अमरिंदर पाल सिंह का फोन ना उठाना पड़ा महंगा गुस्से में आकर बीडीपीओ अमरिंदर पाल सिंह ने महिला कर्मी को बिना किसी नोटिस अपना तानाशाही रवैया दिखाते हुए नौकरी से निकालते हुए उनकी सभी सेवाओं को रद कर दिया ।

आज बीडीपीओ दफ्तर के अंदर सस्पेंड हुई महिला कर्मी द्वारा धरना लगाकर अपना रोष व्यक्त किया गया । अपने हक की मांग को लेकर महिला कर्मी अनुराधा द्वारा लगाए गए धरने में उनका सहयोग करते हुए उसके ही दफ्तर के और भी कर्मचारियों धरने पर आकर उनके साथ बैठे और इतना ही नहीं अपने बीडीपीओ दफ्तर के मुख्य अफसर के खिलाफ नारेबाजी की ।और अपने ही अफसर की कारगुजारी के खिलाफ सवालिया निशान खड़े किए गए ।

बीडीपीओ दफ्तर के और कर्मचारियों ने महिला कर्मचारी का पक्ष लेते हुए कहां की महिला कर्मचारी अनुराधा अपना काम पूरी ईमानदारी एवं लगन से कर रही है, और कल भी जब साहिब का फोन अनुराधा के फोन पर आया तो उस समय भी महिला कर्मचारी अनुराधा कुछ फाइलों को ढूंढने के लिए दफ्तर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे से कुछ फाइलें ढूंढने के लिए गई थी ।

उनका फोन उनके काउंटर के दराज में पढ़ा था जिस कारण महिला कर्मी को साहिब के फोन का पता नहीं चला । महिला कर्मी के साथ धरने पर बैठे कर्मचारियों ने यह भी कहा कि वह इस बात की सच्चाई को अपने साहिब के पास बताने के लिए गए थे ।लेकिन अपने अड़ियल एवं तानाशाही रवैया के कारण वीडिपिओ साहब ना तो महिला कर्मी की बात सुनने को तैयार हैं और ना ही अपने बाकी कर्मचारियों की । जिसके बाद हमें मजबूर होकर अपने साथी महिला कर्मी के साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ उनको दोबारा काम पर बहाल करवाने के लिए धरने पर बैठना पड़ा । अब यह धरना तब तक ऐसे ही चलता रहेगा जब तक उनकी साथी महिला कर्मी को दोबारा उनके कार्य पर बहाल नहीं किया जाता ।

बीडीपीओ अधिकारी अमरिंदरपाल सिंह

कर्मचारियों ने कहा कि पूरा स्टाफ ही अपनी अफसर के अड़ियल रवैया से परेशान है पहले भी कई बार बीडीपीओ अफसर साहिब बातचीत के दौरान बड़े छोटे कि कोई भी लिहाज तक नहीं रखते|
इंसानियत का फर्ज निभाने हुये पार्टी बाजी से ऊपर उठ अकाली दल एवं कांग्रेस के नेताओं ने भी महिला कर्मचारी अनुराधा का साथ दिया ।
आज बीडीपीओ दफ्तर में महिला कर्मी अनुराधा की तरफ से अपने हक की लड़ाई के लिए लगाए गए धरने में यहां उनके स्टाफ के सभी कर्मचारी उनके साथ धरने पर मौजूद रहे वही कांग्रेस एवं अकाली दल कई नेता पार्टी बाजी से ऊपर उठकर महिला कर्मी अनुराधा के पक्ष में उनको इंसाफ दिलवाने के लिए उनके साथ धरने पर बैठे , और बीडीपीओ अफसर अमरिंदर पाल सिंह की कारगुजारी के खिलाफ आवाज उठाई उन्होंने धरने पर बैठी महिला कर्मी अनुराधा को यह विश्वास दिलवाया कि वह उनको उनका हक दिलवा कर रहेंगे और वह उनके हक की इस लड़ाई में उनके साथ हर समय खड़े रहेंगे ।


मां को कैंसर , भाई अपाहिज अकेली करती है काम
बीडीपीओ दफ्तर में काम करने वाली महिला कर्मी अनुराधा ने बताया कि वह 6 सालो से ईमानदारी से डीसी रेट पर काम कर रही है । उस ने बताया कि उसकी मां को कैंसर है और उनका इलाज लुधियाना के दीप अस्पताल से चल रहा है और बडा भाई अपाहिज है जिसके चलते वह अकेली ही कमाने वाली है मेरे परिवार की माली हालत पहले ही काफी खस्ता है । अगर मेरा काम भी छूट गया तो मै अपनी मां का इलाज किस तरह करवा पाऊंगी ।

महिला कर्मी अनुराधा द्वारा भावुक होते हुए एक बार फिर अपने सीनियर अफसर अमरिंदर पाल सिंह से उन्हें नौकरी पर बहाल करने की अपील की उस ने कहा जब उसके पास नौकरी ही नही रहेगी तो वह जिंदा रह कर क्या करेगी ।
वीडीपीओ अधिकारी अमरिंदरपाल सिंह ने नहीं की मीडिया से बात
मामले की जानकारी मिलते ही जब मीडिया कर्मियों ने बीडीपीओ दफ्तर के मुख्यय अधिकारी अमरिंदर पाल सिंह का पक्ष जानने की कोशिश की तो गुस्साए बीडीपीओ मुख्य अधिकारी अमरिंदर पाल सिंह ने बातचीत करने से साफ इंकार करते हुए मीडिया को कहा कि आपने जो कुछ भी छापना चाहते हैं छाप सकते हैं मुझे इसकी कोई भी परवाह नहीं है और ना ही मुझे इससे कोई फर्क पड़ता है मैंने जो काम करना था वह कर दिया है ।

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