Punjab's famous musician Baldev Sharan Narang died

पंजाब के प्रसिद्ध संगीतकार बलदेव शरण नारंग का दिल का दौरान पड़ने से निधन

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जालंधर (पंजाब 365 न्यूज़ ) :पंजाब के प्रसिद्ध संगीतकार बलदेव शरण नारंग का मंगलवार को दिल का दौरान पड़ने से निधन हो गया। बलदेव शरण नारंग के निधन पर संगीत इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गयी है।
शामचौरासी से संबंध :
शाम चौरासी घराने से संबंध रखने बाले संगीतकार नारंग के शार्गिदों की लिस्ट बहुत लम्बी है। प्रमुख रूप से इनकी लिस्ट में टॉप पर आते हैं मास्टर सलीम, बरकत सिद्धू, सुखविंदर सिंह व हंसराज हंस जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।

नकोदर से संबंध :
प्रोफेसर BS नारंग का जन्म नकोदर में हुआ था और वहीं वो बड़े हुए। संगीत की शुरूआती शिक्षा उन्होंने अपने पिता पंडित केसर चंद से ली। इसके बाद हुसन लाल, उस्ताद करम सिंह चक्रबर्ती, डॉ. एसएल मिश्रा व पंडित केएस जसरा से तालीम हासिल की। जालंधर के दोआबा कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 1973 में DAV कॉलेज में बतौर संगीत प्रोफेसर ज्वाइन किया। अपने संगीत के सफर में उन्होंने सारंगी वादक उस्ताद सबरी खान और उस्ताद सलामत अली खान साहब के साथ भी उन्होंने कला का प्रदर्शन कियाBS, नारंग

मास्टर सलीम का नाता :
BS नारंग के निधन पर मास्टर सलीम ने भारी आवाज में बताया कि कलाकारों के लिए यह साल लगता है ठीक नहीं क्योंकि कुछ दिन पहले ही सरदूल भाई हमसे बिछड़ गए और वहीं पिता समान नारंग भी आज हम से बिछड़ गए। लगता है संगीत वालों को किसी की नजर ही लग गई है हे खुदा भगवान हम सब पर दया करो।

तेजवंत किट्टू :
उस्ताद नारंग के शागिर्द तेजवंत किट्टू ने दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि यह साल बहुत बुरा चढ़ा जब मेरे गुरु जी उस्ताद संसार को छोड़ कर वाहेगुरु के चरणों में चले गए।
वहीँ पंजाब घराने के उस्ताद काले राम ने कहा की “नारंग जहां एक अच्छे कलाकार थे, वही वह मेरे भाइयों जैसा मुझे सहयोग दिया करते थे।”

BS, नारंग जगजीत जी को अपना आदर्श मानते थे। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था की जब भी बाह जगजीत जी को गाते हुए देखते थे तो सोचा करते थे क्या वो भी कभी ऐसा गए पाएंगे। जगजीत जी को देखकर हमेशा उनको और प्रयास करने की प्रेणना मिलती थी ताकि वो भी उनके जैसे बन सके। BS नारंग एक बाह्यत प्रसिद्ध हस्ती थी जिसने कई कलाकारों को बनाया जो इंडस्ट्री में आज अपना नाम कमा रहे। इनमें कुलजीत सिंह, संगीतकार तेजवंत किट्टू और भी बहुत बड़े बड़े नाम हैं। जगजीत सिंह, सुखविंदर सिंह सहित यहां तक कि हंसराज हंस भी संगीत की बारीकियां नारंग साहिब से ही सीखते रहे हैं।
कर्रिएर :
8TH क्लास की म्यूजिक की किताब में भी पंजाब के उत्कृष्ट म्यूजिक आर्टिस्ट के तौर पर उस्ताद बड़े गुलाम अली खान के साथ उनके बारे में लेख दिया गया। उन्होंने “पंजाब खयाल बंदिशें के नाम से किताब भी लिखी “। इस दौरान रेडियो व टीवी पर भी उनका लंबा करियर रहा था । BBC और टीवी एशिया पर भी वह परफार्मेंस देते रहे। इसके अलावा उन्होंने लंदन, बर्मिंघम, स्कॉटलैंड समेत विदेशों में भी कई शो किए। इसके अलावा जालंधर के बाबा हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन, दिल्ली के सप्तश्वर, कोलकाता में फोर्ट विलियम और मुंबई के संगीत सम्मेलन समेत कई म्यूजिक फेस्टिवल्स में उन्होंने परफार्मेंस दी थी ।

अंतिम दर्शन :
BS, नारंग का अंतिम संस्कार बुधवार को हरनामदास पुरा के श्मशान घाट में हुआ है । एक संगीत शिक्षक के रूप में हजारों बच्चों को कला से जोड़ने वाले नारंग DAV कॉलेज में संगीत के प्रोफेसर रह चुके थे। बीएस नारंग इन दिनों गुजराल नगर में रह रहे थे।

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