Harleen water park: Park opened

Harleen water park : पाबंदियों को दरकिनार खोला पार्क

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जालंधर (पंजाब 365 न्यूज़ ) : कोरोना महामारी ने सबको बहुत सबक दिए है। पहली लहर और दूसरी लहर ने जमकर अपना भयंकर रूप दिखाया है इसके बाबजूद भी लोग इन सब बातों से सीख नहीं ले पा रहे है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर थम चुकी है लेकिन अभी पब, बार के साथ वाटर पार्क खोलने की भी मनाही है। पंजाब सरकार की हिदायत के बाद DM के आदेश पर इन्हें बंद किया गया है। प्रशासन का तर्क है कि यहां एक वक्त में काफी लोग इकट्‌ठा होने के साथ एक ही पानी में नहाते हैं, इससे कोरोना संक्रमण फैल सकता है। इस वजह से इसे अभी खोलने की मनाही है।

इसके बावजूद हरलीन वाटर पार्क खुला मिला। आपको बता दे की ये वाटर पार्क जालंधर के आदमपुर इलाके के जंडूसिंघा में कोरोना पाबंदी के बावजूद हरलीन वाटर पार्क खुला रहा। वहां करीब 250 लोग नहा रहे थे। पहले पुलिस वाले आए लेकिन बिना कार्रवाई लौट गए। इसके बाद अफसरों तक शिकायत पहुंची तो पुलिस टीम ने वहां रेड की। जिसके बाद पूरे वाकये की वीडियोग्राफी व फोटो खींचकर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, जब पुलिस ने रेड की तो वाटर पार्क में नहा रहे लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस अरेस्ट न कर ले, इस डर से जो जैसे कपड़े पहना था, वैसे ही बाहर अपनी गाड़ियों की तरफ भाग निकला। पुलिस ने वाटर पार्क के मालिकों व मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।


खर्चे 450, लेकिन नहीं उठा पाए लुफ्त :
वाटर पार्क में आए लोगों ने बताया कि उन्हें 450 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से टिकट बेची गई थी। उन्होंने ही कहा कि पहले भी पुलिस आई थी लेकिन वाटर पार्क वालों से मिलकर लौट गई। इसके बाद उन्हें कहा कि अब कोई दिक्कत नहीं होगी। हालांकि थोड़ी ही देर में ज्यादा पुलिस कर्मी आए और रेड कर पार्क खाली करा दिया। उन्हें टिकट के पैसे भी नहीं लौटाए गए। उलटा उन्हें कहा जा रहा है कि जब वाटर पार्क खोलने की परमिशन मिल जाएगी तो उन्हें फ्री में एंट्री देंगे लेकिन इसका कोई सबूत नहीं दे रहे।


प्रशासन ने पहले ही कोरोना को लेकर सख्त पाबंदियां लगा रखी है लेकिन फिर भी लोग मानते नहीं है।

अब इसमें किसका कसूर है वाटर पार्क वालों का या उन लोगो का जो वाटर पार्क में 450,रूपए देकर नहाने गए थे। ऐसे लोगो से ये सवाल पूछा जाए की कोरोना में तो घर पर नहा लो पार्क में जब वो वायरस अपने घर लेकर चले जाये तो फिर इसमें किसका दोष होगा।


पाबंदियों को लोग मानते नहीं है जब केस बढ़ते है तो दोष औरों का निकलते हैं।

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