Even the three-member committee is not able to pacify

पंजाब कांग्रेस में मची कलह को तीन सदस्यीय कमेटी भी शांत नहीं कर पा रही

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पंजाब (पंजाब 365 न्यूज़ ) : कांग्रेस में कलह बढ़ती ही जा रही है खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह दूर करने के लिए गठित खड़गे पैनल को अपनी रिपोर्ट सौंपने के 11 दिन बाद दोबारा सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मीटिंग करनी पड़ी है। मंगलवार को 3 मेंबरी कमेटी ने 3 घंटे से ज्यादा समय तक कैप्टन के साथ मुलाकात की। इस दौरान कैप्टन 2019 तक कैबिनेट मंत्री रहे नवजोत सिद्धू की बयानबाजी को लेकर काफी नाराज नजर आए। सीएम ने दो-टूक कहा कि पार्टी में अंतर्कलह के लिए सिद्धू ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने अपने स्तर पर सिद्धू के साथ रिश्ते बेहतर करने की कोशिश की पर सिद्धू खुद सभी दरवाजे बंद करने पर आमादा हैं। इन हालात में किसी भी सूरत में सिद्धू को कोई पद नहीं दिया जा सकता।
आपको बता दे की नेताओं की तमाम पेशी के बावजूद मतभेदों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अभी तक बेहद चुप रहने वाले नवजोत सिंह सिद्धू खुलकर मीडिया के सामने अपना पक्ष रख रहे हैं। वहीं पंजाब सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं।

पार्टी ने सिद्धू की भाषा पर जताई आपत्ति :
पार्टी सूत्रों के अनुसार कमेटी मेंबर्स ने सरकार और पार्टी के खिलाफ सिद्धू की भाषा पर आपत्ति जताई है। सीएम ने कहा कि हाईकमान की मनाही के बावजूद सिद्धू द्वारा उठाए जा रहे सवालों के कारण पार्टी की किरकिरी हो रही है। सिद्धू की बयानबाजी से पहले सब कुछ ठीक चल रहा था।

आगामी चुनाव में इससे पार्टी को नुकसान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सीएम ने दिल्ली में सीनियर नेत्री अंबिका सोनी से उनके घर जाकर मुलाकात की। पार्टी सूत्रों के अनुसार नवजोत सिद्धू अब पंजाब कैबिनेट का हिस्सा बनने के इच्छुक नहीं हैं।

सिद्धू अपने स्टाइल में कर रहे है बैटिंग : रावत
एक तरफ सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खड़गे पैनल के सामने सिद्धू की बयानबाजी को लेकर कड़ा रोष जताया, वहीं पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नवजोत सिद्धू अपने स्टाइल में बैटिंग कर रहे हैं। पार्टी में कोई घमासान नहीं है। रावत बोले, ‘अगर आप ऋषभ पंत से कहेंगे कि हरीश रावत स्टाइल में बैटिंग करें तो ये संभव नहीं होगा। नवजोत सिद्धू भी अपने स्टाइल में बैटिंग कर रहे हैं।”

रावत ने कहा, सिद्धू ने कोई नई बात नहीं कही है। सिद्धू के बयानों पर गौर करें तो पाएंगे कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा है। आगामी 10-15 दिन में पंजाब में सरकार द्वारा बड़े एलान के संकेत देते हुए रावत ने कहा कि करीब 30 मुद्दे जो एक पार्टी के वादों में शामिल हो सकते हैं, को सीएम ने अपने एक्शन प्रोग्राम में शामिल किया है। सीएम पिछली बार जब मीटिंग में आए थे तो कुछ पॉइंट कमेटी ने नोट किए थे। मंगलवार को इन्हीं पॉइंट पर कैप्टन से दोबारा चर्चा की गई।

पहले चल रहा था सब कुछ ठीक :
पार्टी सूत्रों के अनुसार कमेटी मेंबर्स ने सरकार और पार्टी के खिलाफ सिद्धू की भाषा पर आपत्ति जताई है। सीएम ने कहा कि हाईकमान की मनाही के बावजूद सिद्धू द्वारा उठाए जा रहे सवालों के कारण पार्टी की किरकिरी हो रही है। सिद्धू की बयानबाजी से पहले सब कुछ ठीक चल रहा था। आगामी चुनाव में इससे पार्टी को नुकसान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सीएम ने दिल्ली में सीनियर नेत्री अंबिका सोनी से उनके घर जाकर मुलाकात की। पार्टी सूत्रों के अनुसार नवजोत सिद्धू अब पंजाब कैबिनेट का हिस्सा बनने के इच्छुक नहीं हैं।

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