Do it for a day before it will be completed because on March 26, Punjab will be closed

एक दिन पहले कर ले पुरे इंतेज़ाम क्योकि 26,मार्च को रहेगा पंजाब बंद ,दूध ,सब्जी आदि की सप्लाई भी रहेगी बंद और होगा इन चीज़ो पर असर

Latest Punjab

पंजाब ( पंजाब 365 न्यूज़ ) : कृषि कानून के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए किसानों का साथ देने के लिए पंजाब में बैठे किसानों ने भी पंजाब बंद का एलान किया है। इसी के संदर्भ में शुक्रवार को जालंधर के पंजाब प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में कमेटी नेताओं ने यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बंद के दिन मेडिकल एमरजेंसी को छोड़कर सभी तरह की सेवाएं बंद की जाएंगी। दूध की सप्लाई लोग पहले ही रख लें, बंद के दिन दूध सप्लाई नहीं होने दी जाएगी। इसके अलावा उस दिन सब्जी मंडी भी बंद रखी जाएगी। जिन्हें जरूरत है, वो एक दिन पहले ही इसे खरीदकर रख लें और बंद में सहयोग करें।

संघर्ष कमेटी के इस ऐलान से भारत बंद के दिन आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मौके दविंदर सिंह, बलजीत सिंह घोड़ावाही, परमिंदर सिंह, मनजिंदर सिंह, ओंकार सिंह, राजविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह आदि किसान नेता मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बंद के दिन पठानकोट रोड पर नाजमदीनपुर में रोड व ट्रेनों की आवाजाही रोकी जाएगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर दोआबा किसान संघर्ष कमेटी ने 26 मार्च के भारत बंद को कामयाब बनाने के लिए दूध-सब्जी की सप्लाई भी बंद रखने की घोषणा की है। इस बात की जानकारी शुक्रवार को संगठन के महासचिव दवेंदर सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि बंद के दिन मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं को छूट दी जाएगी। बंद के दिन दूध सप्लाई तथा सब्जी मंडी भी बंद रखी जाएगी। लोग सुविधा के लिए एक दिन पहले ही खरीद लें।

पहले 23 को दी जाएगी श्रद्धांजलि :
न्होंने कहा कि 26 मार्च को सुबह से लेकर शाम तक बंद के दिन पठानकोट रोड पर नाजमदीनपुर में रोड व ट्रेनों की आवाजाही रोककर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 23 मार्च को खटकड़ कला में शहीद भगत सिंह, सुखदेव तथा राज गुरु को महा पंचायत कर श्रद्धांजलि दी जाएगी।


कुछ किसानों के
पास खेती के लिए उपयुक्त नहीं जमीन :
उन्होंने कहा कि फसल की अदायगी सीधे किसान के खाते में डालने के लिए सरकार अड़ी है। 9,लाख किसान ही अपनी जमीन में खेती करते हैं। 16 लाख किसान ऐसे हैं, जिनके पास दो या तीन एकड़ जमीन है लेकिन खेती के लायक नहीं है। उसके लिए मशीनरी व तकनीक की जरूरत होती है। ऐसे में उसे मजबूरीवश ठेके पर देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीधे पेमेंट के बजाय उसे अदायगी करे, जो वहां खेती करता है।

FCI, पर भी लगाए आरोप:
उन्होंने कहा कि FCI गैरजरूरी शर्तें लागू कर किसानों को परेशान कर रहा है। नई शर्तों के मुताबिक गेहूं का टोटा 4 से घटाकर 2,फीसदी कर दिया गया है। इस बार खरीदी जाने वाली गेंहू के लिए नमी की दर 14% से घटाकर 12 % कर दी गई है। इसके अलावा गेहूं में मिट्टी आदि 4 से 0 फीसदी कर दी है। इस मौके बलजीत सिंह घोड़ावाही, परमिंदर सिंह, मनजिंदर सिंह, ओंकार सिंह, राजविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह आदि किसान नेता मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *