Congress discord: When will the dispute between Captain

कांग्रेस कलह : कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच कब सुलझेगा विवाद

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पंजाब (पंजाब 365 न्यूज़ ): पंजाब में कांग्रेस में कलह को जैसे जैसे समय व्यतीत हो रहा है दोनों में दूरियां वैसे वैसे बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ महीनों से पंजाब कांग्रेस में खुलकर कलह देखने को मिल रही है. पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और कुछ अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पार्टी में कलह को दूर करने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने मुख्यमंत्री समेत पंजाब कांग्रेस के 100 से अधिक नेताओं की राय ली और फिर अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपी। पिछले दिनों अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। सिद्धू भी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले थे।


सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्‍यक्ष घोषित करने की चर्चाओं के बाद पार्टी में कल से हाई वाेल्‍टेज ड्रामा चल रहा है। इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू को सोनिया गांधी ने आज दिल्‍ली बुलाया। कांग्रेस की कार्यवाहक अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के साथ सिद्धू और रावत की बैठक हुई। बताया जाता है कि इस बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष को लेकर सोनिया गांधी ने अपना फैसला सुना दिया। समझा जाता है कि बैठक में पंजाब कांग्रेस में कल से जारी घटनाक्रम बारे में भी बात हुई।


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनाने पर अड़ गए हैं। वह इस पद पर एक हिंदू नेता को बैठाने पर राजी हैं। हाईकमान से बात कर कैप्टन ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है। वहीं सिद्धू ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की है।

मेरे व्यान को अलग तरीके से पेश किया गया : हरीश रावत
दो दिन पहले तक पंजाब कांग्रेस में चल रहा विवाद सुलझने के पूरे आसार बन गए थे। आलाकमान और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच नवजोत सिद्धू को समुचित जगह देने पर सहमति लगभग बन गई थी। इसी बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत का एक बयान आया और बनती बात बिगड़ गई।

एक मीडिया हाउस को दिए बयान में रावत ने कहा कि पंजाब कांग्रेस में सुलह का फार्मूला तैयार है। सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है। चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इस बयान के बाद कलह फिर शुरू हो गई। नाराज सिद्धू और कैप्टन ने अपने अपने समर्थकों के साथ बैठक की तो रावत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की। हालांकि बैठक के बारे में कहा गया कि ये उत्तराखंड मसले पर थी। लेकिन इस बैठक के बाद रावत ने सफाई में कहा कि उनके बयान को अलग तरीके से पेश किया गया।

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