Cleaning campaign run by councilors fails completely

पार्षदों द्वारा चलाई गई सफाई मुहिम हुई पूरी तरह फेल : सफाई सेवकों की हड़ताल 11 दिन भी रही जारी

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जगराओं,(दिनेश) : अपनी मांगों को लेकर सफाई सेवकों द्वारा चल रही हड़ताल आज 11 दिन भी जारी रही सफाई सेवकों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है । सफाई सेवकों की हड़ताल के चलते और शहर में बिगड़ते हालातों को देखकर कौंसिल प्रधान राणा द्वारा पार्षदों को संग लेकर शहर में कूड़ा उठाने और सफाई करने की मुहिम शुरु गई थी लेकिन जमीनी हकीकत पर देखा जाए तो पार्षदों द्वारा चलाई गई मुहिम पूरी तरह फेल साबित हुई है ।

जिसके चलते शहर के ऐतिहासिक मंदिरों के इलावा गली मोहल्लो और बाजारों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं जिसके कारण एक तरफ कोरोना महामारी का प्रकोप और दूसरा शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से कई और बीमारियां फैलने का अंदेशा है इस बारे में कुछ पार्षदों से बात की गई तो उन्होंने अपना नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि भले ही पार्षदों द्वारा सफाई मुहिम शुरू की गई है परंतु जमीनी हकीकत में इस मुश्किल से पार पाना असंभव नजर आता है । साथ ही उन्होंने बताया कि अगर शहर में कूड़े की लिफ्टिंग अच्छी तरह से करवानी है तो कौंसिल को अपनी तरफ से अस्थाई तौर पर कर्मचारियों की व्यवस्था करनी होगी ।

जिससे साफ जाहिर है कि अगर ऐसे ही सफाई सेवकों की हड़ताल बरकरार रही तो आने वाले दिनों में शहर के हालात बहुत खतरनाक हो सकते हैं शहर के हालातों का जायजा लेने के लिए सवेरा की टीम ने जब शहर के बाजारों के हालत देखे तो शहर के भंगड़ गेट के पास ऐतिहासिक शिव मंदिर मंदिर गीता भवन शिवाला सीताराम के इलावा शहर के मुख्य बाजारों में भी कूड़े के ढेर लगे दिखाई दिए और तो और पार्षदों द्वारा चलाई गई सफाई मुहिम हवा तो उस वक्त निकलती दिखाई दी जब एक पार्षद ने शहर के कांग्रेसी पार्षदों पर आरोप लगाया कि वह अपने वार्डों के अंदरूनी गली मोहल्लों से उठाया कूड़ा डंप ना पहुंचा कर शहर के ऐतिहासिक मंदिरों के पास फेंक रहे हैं जो कि बेहद शर्मनाक है जिसके कारण सुबह शाम मंदिर आने जाने वालों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है ।

11वें दिन रविवार को भी डटे रहे हड़ताल पर बैठे सफाई सेवक

वहीं दूसरी तरफ कौंसिल पार्क में अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे सफाई सेवकों की हड़ताल आज 11 दिन में दाखिल हो गई है रविवार के दिन होने के बावजूद सफाई सेवक हड़ताल पर डटे रहे और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की सफाई सेवक यूनियन प्रधान अरुण ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 4 वर्ष का समय बीत जाने पर भी सफाई सेवकों से किए वायदों के मुताबिक उनकी जायज मांगों को ना मानने के चलते सफाई सेवकों को मजबूरी में हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है ।

साथ ही उन्होंने कहा कि चुनावों के समय तो समूह राजनीतिक पार्टियां सफाई सेवकों से बड़े-बड़े वायदे तो करती हैं परंतु सरकार बन जाने के बाद अपने वादों पर खरा नहीं उतरती जिसके चलते सफाई सेवकों को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ता है ।

इस मौके स्वतंत्र गिल ,गोवर्धनदास ,राजेंद्र कुमार राज कुमार बलवीर गिल अनूप कुमार ,प्रदीप कुमार ,पृथ्वीपाल ,भूषण गिल ,विक्रम गिल, अनिल कुमार ,राकेश कुमार, विक्की, मनदीप कुमार, रवि गिल,महिला विंग की प्रधान मिश्ररो देवी, रिंकू रानी, आशा रानी ,वीना रानी,कमलेश रानी,बिंदर कंचन,रीटा,मधु,अनीता, दर्शना,उषा, लखबीर सिंह, बलविंदर ,डिंपल, राजकुमार, सतीश कुमार, आकाश, बिंदर, म्युनिसिपल कर्मचारी प्रधान विजय कुमार शैनी ,दविंदर सिंह ,जितेंद्र पाल शर्मा ,नवजीत कौर ,गगनदीप खुल्लर, मनीष घालीवाल ,जगमोहन सिंह, विशाल टंडन ,नरेंद्र कुमार, परमजीत सिंह ,तीरथ ,हरदीप सिंह ,
ढोलन, बेअंत सिंह ,दविंदर सिंह गरचा आदि शामिल रहे।इस मौके स्वतंत्र गिल ,गोवर्धनदास ,राजेंद्र कुमार राज कुमार बलवीर गिल अनूप कुमार ,प्रदीप कुमार ,पृथ्वीपाल ,भूषण गिल ,विक्रम गिल, अनिल कुमार ,राकेश कुमार, विक्की, मनदीप कुमार, रवि गिल,महिला विंग की प्रधान मिश्ररो देवी, रिंकू रानी, आशा रानी ,वीना रानी,कमलेश रानी,बिंदर कंचन,रीटा,मधु,अनीता, दर्शना,उषा, लखबीर सिंह, बलविंदर ,डिंपल, राजकुमार, सतीश कुमार, आकाश, बिंदर, म्युनिसिपल कर्मचारी प्रधान विजय कुमार शैनी ,दविंदर सिंह ,जितेंद्र पाल शर्मा ,नवजीत कौर ,गगनदीप खुल्लर, मनीष घालीवाल ,जगमोहन सिंह, विशाल टंडन ,नरेंद्र कुमार, परमजीत सिंह ,तीरथ ,हरदीप सिंह ,
ढोलन, बेअंत सिंह ,दविंदर सिंह गरचा आदि शामिल रहे।

क्या कारण है पार्षदों द्वारा चलाई गई सफाई मुहिम के फेल होने का
सफाई सेवकों की हड़ताल के चलते और शहर में बिगड़ते हुए हालातों को देखते हुए कौंसिल प्रधान राणा द्वारा पार्षदों संग मिल शहर में कूड़े की लिफ्टिंग करने और सफाई करने की मुहिम शुरू की गई थी जो कि पूरी तरह फेल साबित हुई है अगर आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो कौंसिल में 150 के करीब सफाई सेवक कार्यरत है और सफाई सेवकों की हड़ताल से पहले शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू ढंग से नहीं चल सकी थी ।

आए दिन पार्षदों के अलावा शहर के लोग भी शहर की सफाई को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाते थे अब यह सोचने वाली बात है कि 150 के करीब सफाई सेवक अगर शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में असफल थे तो कौंसिल के 23 पार्षद कैसे शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू ढंग से चला सकते हैं जो कि हकीकत में देखा यह सब आम लोगों के सहयोग के बिना अकेले पार्षदों के लिए असंभव है क्योंकि लोग रात के अंधेरे में अपने घरों का कूड़ा शहर के मुख्य बाजारों एवं चौकों में चोरी फैक कर चले जाते हैं शहर के मुख्य बाजारों एवं चौकों में कूड़े के ढेर लगना इसका मुख्य कारण भी है ।

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