The grandmother of the daughter-in-law

नहीं रही बालिका वधू की दादी सा ,कार्डियक अरेस्ट आने से हुई मौत

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नई दिल्ली (पंजाब 365 न्यूज़ ) : करोड़ों दिलों पर राज करने वाली सुरेखा सिकरी यानी की दादी सा ने 75 साल की उम्र में दुनिया तो अलविदा कह दिया। आपको बता दे की शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने की वजह से आज सुबह अंतिम सां ली और दुनिआ को अलविदा कह दिया। दाई सा काफि लम्बे समय से बीमार चल रही थी। 2020, में उन्हें दूसरी बार ब्रेंन स्ट्रोक आया था उससे पहले 2018,में पैरालिटिक स्ट्रोक आया था और तभी से वो व्हीलचेयर पर थी। लॉकडाउन के दौरान उन्हें फिर से स्ट्रोक आया था, जिसके बाद उन्हें ICU में रखा गया था। डॉक्टर्स का कहना था कि उनके ब्रेन में बना ब्लड क्लॉट दवाएं देने के बाद हट गया था।


सुरेखा ने ग्लैमर नहीं बल्कि अपने टैलेंट के बलबूते पर फिल्मों में अपनी पहचान बनाई थी। मशहूर एक्ट्रेस सुरेखा सीकरी का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया है। सीरियल बालिका वधू में उन्होंने “दादी सा ” की भूमिका निभाई थी। सुरेखा सीकरी ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से 1971 में ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद सुरेखा ने लगभग 10 साल तक एनएसडी रिपेटरी कंपनी के साथ जमकर थिअटर किया। सुरेखा ने 1978 की फिल्म ‘किस्सा कुर्सी का’ से बॉलिवुड में डेब्यू किया और इसके साथ ही शुरू हुआ उनका फिल्मी सफर।

यूं तो ये प्रतिभाशाली एक्ट्रेस 50 सालों से फिल्म और टीवी से जुड़ीं थी मगर उन्हें भारत के घर-घर में टीवी सीरियल ‘बालिका वधू’ की सख्त महिला के किरदार ‘दादी सा’ से पहचान मिली। आज भी सुरेखा को इस किरदार के लिए याद किया जाता है। सुरेखा सीकरी ने भारतीय थिएटर, फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम थीं। 1978 राजनीतिक ड्रामा ‘किस्सा कुर्सी का’ में वे पहली बार नजर आईं थीं। इसके बाद, वह कई हिंदी सोप ओपेरा का हिस्सा बनीं। यूपी में जन्मी सुरेखा ने 1971 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में से अपनी एक्टिंग को निखारा। वरिष्ठ अभिनेत्री ने 1989 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी जीता। बालिका वधू में कल्याणी देवी के रूप में उनका रोल में टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय किरदारों में से एक है।


उन्हें आखिरी बार ज़ोया अख्तर की घोस्ट स्टोरीज़ के सेगमेंट में देखा गया था, जिसका प्रीमियर नेटफ्लिक्स पर हुआ था। उन्होंने हेमंत रेगे से शादी की थी और उनका एक बेटा राहुल सीकरी है।
सुरेखा के पास बधाई हो फिल्म के बाद कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया था। इसलिए, पिछले साल उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ओर से 65 साल से अधिक उम्र के एक्टर्स पर शूटिंग के लिए लगाया बैन हटाने की मांग भी की थी।

तीन बार मिला नेशनल अवार्ड :
सुरेखा सीकरी फिल्म तमस, मम्मो और बधाई हो के लिए 3 बार बेस्ट सपॉर्टिंग ऐक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। इसके अलावा बधाई हो के लिए ही फिल्मफेयर और स्क्रीन अवॉर्ड और संगीत नाटक अकेडमी अवॉर्ड भी सुरेखा सीकरी के खाते में हैं।


ऐड फिल्मे मेरे लिए काफी नहीं :
सुरेखा सीकरी ने मुश्किलों के दौरान कहा था, ‘एड फिल्मों के ऑफर मेरे लिए काफी नहीं हैं, मुझे और ज्यादा काम करना पड़ेगा क्योंकि मेडिकल बिल के अलावा मेरे भी कई खर्चे हैं लेकिन प्रोड्यूसर्स कोई रिस्क नहीं ले सकते। लोगों ने मेरी आर्थिक मदद करने की कोशिश की जिसके लिए मैं उनकी बहुत आभारी हूं। लेकिन मैंने किसी से कोई आर्थिक मदद नहीं ली है। मुझे काम दीजिए और मैं सम्मान से पैसा कमाना चाहती हूं।’

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