Former CM Virbhadra Singh is no more

नहीं रहे हिमचाल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह : दो बार कोरोना को मात देने के बाद जिंदगी से हार गए जंग

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शिमला (पंजाब 365 न्यूज़ ) : हिमाचल प्रदेश के छह बार रह चुके मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह का निधन हो गया है। लंबी बीमारी के बाद शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में बुधवार सुबह 3.40 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है की करीब वीरभद्र सिंह के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जो उनकी मौत का कारण बना।
बताया जा रहा है की सोमवार से वीरभद्र सिंह वेंटिलेटर पर थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही थी। वीरभद्र सिंह बीते 30 अप्रैल से शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में दाखिल थे। वहां उनका इलाज चल रहा था। इस दौरान उन्हें दूसरी बार कोरोना भी हो गया था। लेकिन उन्होंने कोरोना को मात दे दी थी। बाद में उन्हें कोविड वार्ड से शिफ्ट किया गया था । वेंटिलेटर पर जाने के बाद वह बेहोशी में थे।

सोमवार को अचानक तबीयत खराब होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर दाखिल कर दिया था। इसके बाद से वह बेहोशी की हालत में यहां पर उपचाराधीन थे, लेकिन गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई। वह 87 साल के थे। IGMC के एमएस डॉ. जनक राज ने उनकी मौत की पुष्टि की है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इन तीन दिनों के दौरान प्रदेश में कोई भी बड़े आयोजन नहीं होंगे।

वीरभद्र सिंह जन्म 23 जून 1934 को हुआ था और मृत्यु 8 जुलाई 2021 को। वह भारत गणराज्य के राज्य हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। वीरभद्र सिंह छ: बार हिमाचल प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री रहे चुके है। उनके पिता का नाम पिता राजा पदम सिंह और उनकी माता का नाम श्रीमति शांति देवी था। उनका विवाह श्रीमति प्रतिभा सिंह के साथ सम्पन्न हुआ और उनके 1 बेटा और 4 बेटियाँ है। वीरभद्र सिंह की ने स्नातकोत्तर तक की शिक्षा प्राप्त की है। मनमोहन सिंह के नेतृत्व में 28 मई 2009 को इस्पात मंत्री बनाए गये थे। वीरभद्र सिंह तीसरी, चौथी, पाँचवी, सातवीं और पंद्रहवीं लोकसभा के सदस्य भी रह चुके है।
वीरभद्र सिंह 8 अप्रैल 1983 से 5 मार्च 1990 तक, 3 दिसम्बर 1993 – 24 मार्च 1998 तक, 6 मार्च 2003 से 30 दिसम्बर 2007 तक, 25 दिसम्बर 2012 से 27 दिसम्बर 2017 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे।


6,बार रह चुके थे हिमाचल के CM :

वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे हैं। वीरभद्र सिंह यूपीए सरकार में भी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रह चुके थे। उनके पास केंद्रीय इस्पात मंत्रालय रहा. इसके अलावा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय भी रह चुका है। वीरभद्र सिंह का जन्म 23 जून, 1934 को बुशहर रियासत के राजा पदम सिंह के घर में हुआ। वीरभद्र सिंह वर्ष 1983 से 1990, 1993 से 1998, 1998, फिर 2003 से 2007 और 2012 से 2017 में हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे। लोकसभा के लिए पहली बार 1962 में चुने गए. कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि मैं निशब्द हूं। इसके अलावा, प्रदेश के तमाम नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है।
बड़े नेताओं ने भी जताया शोक :
वीरभद्र सिंह की मृत्यु के बाद प्रियंका गांधी ने शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि राजनीति में विशालकाय पर्वतों सा कद रखने वाले व देवभूमि हिमाचल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह के निधन से हम सबको एक अपूर्णीय क्षति हुई है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं संसद सुरेश कश्यप, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, संगठन महामंत्री पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, राकेश जम्वाल एवं त्रिलोक कपूर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। नेताओं ने शोक संदेश में वीरभद्र सिंह की मृत्यु पर गहरा दुख एवं शोक प्रकट किया है।


करियर :
1.वीरभद्र सिंह 1962 में तीसरी लोकसभा के लिए चुने गए।
2.इसके बाद पुन: 1967 में चौथी लोकसभा के लिए चुने गए।
3.एक बार फिर 1972 में पाँचवीं लोकसभा के लिए चुने गए।
4.1980 में सातवीं लोकसभा के लिए चुने गए।
5.1976 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बने।
6.दिसम्बर 1976 से मार्च 1977 तक भारत सरकार में पर्यटन और नागरिक उड्डयन के उपमंत्री नियुक्त हुए।
7.1977, 1979 और 1980 में प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बने रहे।
8.शिमला ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से 20 दिसम्बर 2012 को राज्य विधान सभा के सदस्य चुने गए।
9.सितम्बर, 1982 से अप्रैल 1983 तक भारत सरकार में उद्योग मंत्री बने।
10.अक्टूबर 1983 और 1985 में जुब्बल – कोटखाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से राज्य विधानसभा के लिए चुने गए।
11.1990, 1993, 1998, 2003 और 2007 में रोहड़ू निर्वाचन क्षेत्र से राज्य विधानसभा के लिए चुने गए।
12.8 अप्रैल, 1983 से 5 मार्च, 1990 तक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री।
13.दिसंबर, 1993 से 23 मार्च, 1998 तक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री।
14.वीरभद्र सिंह एक बार फिर 6 मार्च 2003 से 29 दिसंबर 2007 तक हिमाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री रहे।
15.मार्च 1998 से मार्च 2003 तक राज्य विधान सभा में हिमाचल प्रदेश के विपक्ष के नेता।
16. 25 दिसम्बर, 2012 को हिमाचल प्रदेश के छठे मुख्य मंत्री बने।।
17. 2009 में वे मंडी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से हिमाचल प्रदेश से निर्वाचित हुए ।
18. मई 2009 से जनवरी 2011 तक वीरभद्र सिंह भारत सरकार में इस्पात मंत्री रहे।
19. उन्होने 19 जनवरी 2011 से जून 2012 तक भारत सरकार में लघु और मझौले उद्यम मंत्री के रूप में कार्य किया ।
20..26 अगस्त 2012 से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने।
21. वीरभद्र सिंह आठ बार विधायक, छ: बार मुख्यमंत्री और पांच बार लोकसभा में बतौर सांसद रह चुके हैं।

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