A year of public curfew was completed: When the whole country was stopped

जनता कर्फूय का पूरा हुआ एक साल : जब थम गया था पूरा देश ,और शाम को गूँज उठी थी थाली ,ताली की आवाज़ आइये जाने एक साल की कहानी

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जनता कर्फूय ( पंजाब 365 न्यूज़) : आज का दिन किसे याद नहीं होगा। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई इस दिन को नहीं भुला सकता। जब देश के प्रधानमंत्री ने जनता कर्फूय की अपील की थी और हर किसी ने इस जनता कर्फूय को पूरा समर्थन दिया था। जनता कर्फूय वो कर्फूय जो जनता द्वारा खुद पर लगाया गया था। 2020, के शुरुआत में जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से लड़ने की तैयारियों में जुटी थी तब बीते साल 22, मार्च को प्र्धानमतरी नरेंदर मोदी द्वारा 135,करोड़ देशवासियों से जनता कर्फूय की अपील की गयी थी।
प्रधानमंत्री का सम्बोधन किसे याद नहीं होगा जिसमे देश के प्र्धानमतरी ने कहा था की ” इस रविवार यानी 22,मार्च को सुबह 7,बजे से रात नो बजे तक सभी देशवासियों को जनता कर्फूय का पालन करना है , जब तक जरूरी न हो तब तक घरों से बाहर न निकले “
और प्र्धानमतरी मोदी की अपील का यह असर हुआ था की आज के ही दिन पुरे देश में सन्नाटा पसर गया था । शहर हो या गाँव , सोसाइटी हो या कोई दफ्तर हर जगह सिरग सन्नाटा ही था। आज इस जनता कर्फूय को पूरा एक साल हो गया है। लेकिन कोरोना वायरस का संक्रमण अभी ही नहीं थमा है।

प्रधानमंत्री ने जिस जनता कर्फ्यू की बात कही है, वह भारत के लिए बिल्‍कुल नई है. अब तक आपने कर्फ्यू का नाम सुना होगा, लेकिन जनता कर्फ्यू काफी नया है. कर्फ्यू तो देश में प्रदेश में जिलों में या फिर खास मोहल्‍लों में लगता रहा है, लेकिन जनता कर्फ्यू पूरे देश में लगने जा रहा है. दरअसल जनता कर्फ्यू जनता की ओर से जनता के लिए खुद ही लगाया जाता है.। यह आपके विवेक पर छोड़ दिया गया है। यानी पुलिस कर्मियों की ओर से कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। यह आपके ऊपर है कि सुरक्षा कारणों को लेकर आप खुद ही घर से बाहर न निकले. आपके जरूरत के लिए दुकानें खुली रहेंगी, हालांकि सारी दुकानें नहीं खुलेंगी, लेकिन रोजमर्रा की चीजें आपको जरूर मिलेंगी। आपको कहीं आना जाना है तो इसमें कोई दिक्‍कत पेश नहीं आएगी. अगर आप कहीं आना जाना चाहें तो आ जा सकते हैं. कोई आपको रोकेगा नहीं. आपको बता दें कि कर्फ्यू के दौरान आपको बलपूर्वक रोका जाता है. अगर आप नियमों का उल्‍लंघन करते हैं तो आपके ऊपर कार्रवाई की जाती है, लेकिन 22 मार्च को ऐसा कुछ भी नहीं होगा।

इस दौरान खुद ही आपको स्‍वविवेक से बीमारी से बचने के लिए घर में ही रहना है, लेकिन डाक्‍टर, सफाईकर्मी और मीडिया वाले आ जा सकेंगे, क्‍योंकि इनका काम घर से निकले बिना नहीं हो पाएगा. वहीं जो लोग आपकी सेवा में लगे हैं, यानी घर से काम नहीं कर सकते, उनको धन्‍यवाद देने के लिए प्रधानमंत्री ने शाम पांच बजे घर के दरवाजे पर, बालकनी पर, खिड़की से ताली बजाकर, थाली बजाकर या फिर घंटी बजाकर उनकी हौसलाअफजाई भी करनी है।

अब अगर कोई आपको बलपूर्वक नहीं रोकेगा और कोई पाबंदी नहीं होगी तो आपको खुद ही इस नियम का पालन करना है, ताकि आप खुद सुरक्षित रहें, आपका परिवार सुरक्षित रहे और पूरा देश और दुनिया सुरक्षित रहे. कोरोना वायरस से बचने के लिए अभी तक कोई वैक्‍सीन नहीं बन पाई है, यह अभी प्रयोग के दौर में है. ऐसे में आपको दूसरों को सुरक्षित रखना है और खुद भी सुरक्षि रहें।

शाम के 5 बजे 5 मिनट :
देश के प्र्धानमतरी की अपील पर लोगो ने खुद को घरों में कैद कर लिया था और जैसे ही शाम क 5, बजे और वैसे ही लोगो ने कोरोना योद्धाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए 5, मिनट तक थाली ताली बजाए थे। इसके लिए लोग अपने घरों की छतों बालकोनी में आकर सरकार का पूरा समर्थन किया था।

कुछ गुदगुदाने वाले पल :
जबकि इस दौरान कई आइए किस्से भी समन आये जो काफी गुदगुदाने वाले थे। कई लोगो ने तो अपने बर्तन ही इतनी जोर से पिटे की वो टूट ही गए और कई लोगो ने ढोल बजा कर नाच के इस दिन में योगदान दिया।
लोगो सेये भी अपील की जाती थी की हाथ बार बार धोये और मास्क पहनना न भूले और सबसे ज्यादा जरूरी सोशल डिस्टन्सिंग बना कर रखे।
यही चीज़े अपनाते हुए आज बार बार हाथ धोना और मास्क पहनना जीवन का हिस्सा ही बन गया है।
इसलिए आज के दिन यानी 22, मार्च को जनता कर्फूय के नाम से जाना जाता है।

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