The government should be of 6 months

सरकार 5 साल नहीं 6 महीने की होनी चाहिए जानिए आम जनता के तर्क

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पंजाब ( पंजाब 365 न्यूज़ ) : पंजाब में चुनावी प्रचार खत्म हो गया है और इस बार हर पार्टी ने लोगों को लुभाने के लिए जी जान लगा दी है। और लोगो ने भी इस बार बहुत सोच समझ के वोट देने का फैसला किया है। ऐसे ही जब हमने लोगो से राय ली की आप किसको वोट देंगे और क्यों तो एक लड़के ने बहुत मासूमियत से कहा की सरकार चाहे किसी की भी लेकिन पांच साल तक नहीं होनी चाहिए। हम अपना नेता चुनते है और जब जितने के बाद काम करने की बारी आती है तो नेता चाहे अपने घर पर ही बैठे हो लेकिन बाहर से ही वॉचमैन कह देता है की नेता जी तो दिल्ली गए हैं या वो कहीं किसी मीटिंग में गए है। वोट लेने के लिए तो पहले सब पास पास एते है हम ये करेंगे ह वो कर देंगे जब सच में काम करने की बारी आती है तो वो घर पर ही नहीं मिलते हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 के लिए चुनाव प्रचार समाप्‍त होने के बाद मतदान की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्‍य में सभी 117 विधानसभा सीटों पर मतदान कल रविवार को होगा। मतदान सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक होगा। मतदान की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं और आज मतदान दल ईवीएम और अन्‍य चुनाव सामग्री के साथ बूथों के लिए रवाना होंगे।
सरकार हो 6,महीने की :
किसी ने कहा की सरकार सिर्फ 6,महीने की होनी चाहिए ताकि हमे पता चल सके की जिसे हमने चुना है वो उस सीट का हक़दार है की नहीं। या फिर चुनावी वाडे कर के ही चुनाव जीता है। अगर 6, महीने की सरकार हो तो सभी नेता लोग भाग भाग कर काम करेंगे ताकि अगले चुनाव में फिर वही जीते। लकिन ये तो आम जनता की सोच है। ऐसा सच में कहाँ होने वाला है।
लेकिन इस बार चुनाव में जनता बहुत जागरूक है। पूरा हिसाब किताब रखा हुआ है की किसने कितना काम किया है इसलिए इस बार की जनता अपना कीमती वोट उसे ही करेंगे जिसने लोगो के ीे कुछ किया हो उसको नहीं जिसने सिर्फ हवाई किले बनाये हो। पंजाब की धरती इस बार बड़े बदलाव के लिए तैयार है। जहां नेता अपने-अपने वादे और दावे कर रहे हैं, वहीं जनता सभी के इरादे भांप रही हैं। मतदाता ऐसे नेता को चुनना चाह रहे हैं, जो पंजाब की तस्वीर बदल दे। सूबे की सियासत में हमेशा से कांग्रेस और अकालियों का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार नए खिलाड़ी भी मैदान में हैं। पंजाब के राजनेता वादों के सहारे सत्ता के सिंहासन पर बैठना चाह रहे हैं। वादों की लंबी चौड़ी फेहरिस्त के साथ चुनाव मैदान में जनता को लुभा रहे हैं। इस कड़ी में कांग्रेस ने सिद्धू के पंजाब मॉडल के साथ चरणजीत सिंह चन्नी के वादों को भी वरीयता दी है। जबकि पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के युवाओं को रोजगार और उद्योग लगाने का दावा कर रहे हैं। आप के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान का दावा है कि यदि सत्ता में आए तो पंजाब की तस्वीर बदल देंगे। वहीं शिअद प्रधान सुखबीर बादल लोक लुभावन वादे कर जनता का विश्वास जीतने में लगे हैं। प्रचार थम चुका है, 20 फरवरी को जनता की बारी है।

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