SAD NEWS : मशहूर भजन गायक नरेंदर चंचल का निधन

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नई दिल्ली (पंजाब 365 न्यूज़)   : हिंदी सिनेमा के मशहूर भजन सम्राट नरेंदर चंचल का 80- की उम्र , आज निधन हो गया है। नरेंदर पिछले लबे समय से बिमार चल रहे थे तीन दिनों से उनका इलाज दिल्ली के अपोलो  अस्पताल में चल रहा था।   करीब 12:15 बजे आज उन्होंने अंतिम सांस ली।  प्रसिद्ध भजनो के साथ साथ हिंदी फिल्मो में भी अपनी आवाज़ का लोहा मनवा चुके थे।

नरेंदर चंचल की निधन की खबर से बॉलीबुड और उनके फैंस में शोक की लहर है। नरेंदर चंचल ही थे वो जिन्होंने माता रानी के जगरातों को अलग ही दिशा दी थी। उन्होंने न सिर्फ शास्त्रीय संगीत बल्कि लोग संगीत में भी लोगो के दिलो पर राज किया। चंचल को जगराते में बुलाने के लिए उतर भारत और पंजाब में बहुत क्रेज था। उनकी एक झलक पाने के लिए लोगो का जमाबड़ा उबड़ पड़ता था।

नरेंद्र चंचल का जन्म 16-10-1940 को पंजाब के अमृतसर  की  नमक मंडी में पैदा हुए थे । वह एक भारतीय गायक, पार्श्व गायक, संगीतकार, गीतकार, लेखक, कवि और आत्मकथाकार हैं। वह अपने भजनों और आरतियों के लिए प्रसिद्ध थे ।

उनके माता-पिता देवी दुर्गा के अनुयायी थे। इसलिए, बहुत कम उम्र से, उन्हें भजनों में दिलचस्पी थी क्योंकि उन्हें अपने घर में धार्मिक वातावरण में लाया गया था। वह अपनी कक्षा में सबसे शरारती छात्रों में से थे, जिसके कारण उनके शिक्षक ने उन्हें चंचल नाम दिया, जिसे बाद में उन्होंने अपने वास्तविक नाम नरेंद्र से जोड़ा। उन्होंने अमृतसर में श्री प्रेम तिखा से संगीत की शिक्षा ली। जिसके तुरंत बाद उन्होंने अपने इलाके में आरती और भजन गाना शुरू कर दिया।

उन्होंने राज कपूर की फिल्म ‘बॉबी’ (1973) में पार्श्व गायक के रूप में अपना पहला गीत गाया, जिसमें ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया ने अभिनय किया। गीत था “बेश क मंदिर मस्जिद तोड़ो “, जिसके बोल राज कविंदरजीत सिंह तुलसी ने दिए थे। इस गाने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में कई गाने गाए। जिनमें से उनके सबसे लोकप्रिय गीत हैं आशा की जय माता दी, रोटी कपडा और रोटी के कपडा और मांगन के महागिरि मार गाये और” चलो बुलावा आया है ” प्रसिद्ध है।

लोकप्रिय धार्मिक गायक, चंचलजी, एक अच्छे लेखक और कवि थे  और उनके लेखन अक्सर समाचार पत्रों में प्रकाशित होते थे। हालांकि उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई, फिर भी उन्होंने भक्ति संगीत पर ध्यान केंद्रित करने का विकल्प चुना।

उनके योगदान के लिए, नरेंद्र चंचल को राज कपूर मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपनी जीवनी मिडनाइट सिंगर प्रकाशित की जो उनकी जीवन कहानी और गायन में उच्च पड़ाव  हासिल करने के उनके संघर्ष को उजागर करती है।

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