Pakistani woman gave birth to a child on

पाकिस्तान की महिला ने बॉर्डर पर दिया बच्चे को जन्म नाम रखा “बॉर्डर “

Latest Punjab

अमृतसर ( पंजाब 365 न्यूज़ ) : कई बार इंसान सोचता कुछ और है और होता कुछ और है। ऐसा ही कुछ सोच कर पाकिस्तान का परिवार भारत आय था की यहां मंदिरों में दर्शन कर के और रिश्तेदारों से मिल के अपने वतन वापिस लौट जायेंगे लेकिन जैसा सोच हुआ वैसा नहीं। एजेंट के झाँसे में आकर गलत जानकारी से वो भारत में ही फंस गए और आधे दस्तावेजों के आधार पर अब उनको पाकिस्तान में एंट्री नहीं मिल रही है। वतन लौटने के इंतजार में अटारी सीमा के बाहर रैन बसेरा में रह रही पाकिस्तानी हिंदू महिला ने इस बच्चे को जन्म दिया है। गाव अटारी के आसपास के लोगों ने जहा इस महिला को मेडिकल सुविधा मुहैया करवाई और हर तरह से मदद की। भारत में लाकडाउन लगने से पहले यहां अपने रिश्तेदारों से मिलने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आए 99 पाकिस्तानी नागरिक अभी यहीं फंसे हैं। कोरोना की वजह से वे अपने वतन नहीं लौट पा रहे। करीब 71 दिन पहले यह पाकिस्तानी नागरिक वतन लौटने के लिए राजस्थान सहित देश के अन्य प्रदेशों से अटारी सीमा पर पहुंचे थे, क्योंकि इनके पास अटारी सीमा सड़क रास्ते से पाकिस्तान लौटने की इजाजत नहीं है तो पाक रेंजर्स ने इनको लेने से मना कर दिया।

पाकिस्तान लौटने के इंतजार में अटारी बॉर्डर पर एक पाकिस्तानी हिंदू महिला ने यहां जन्में अपने बच्चे का नाम ही बॉर्डर रख दिया। यह महिला उन 99 पाकिस्तानी नागरिकों के दल में शामिल है जो अटारी बॉर्डर के बाहर रैन बसेरा में बैठे हैं। यह वहीं लोग हैं जो कि भारत में लॉकडाउन लगने के पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आए थे।

एजेंट की लापरवाही से फंसे बॉर्डर पर :
डेरे में रह रहे लोगों ने बताया कि पाकिस्तान में एजेंटों की गलती के कारण आज वे सभी यहां फंसे हुए हैं। उनके पासपोर्ट पर 25 दिन का वीजा लगाया गया था, इसकी वैलिडिटी 3 महीने की थी। लेकिन एजेंट ने उन्हें गलत जानकारी देकर बता दिया कि वीजा तीन महीने का है। तीन महीने पूरे होने के बाद जब वापस जाने का समय आया तो उन्हें बॉर्डर पार नहीं करने दिया गया। इसके बाद सभी राजस्थान अपने रिश्तेदारों के पास चले गए।
नहीं जा पा रहे अपने वतन वापिस :
कोरोना से पहले अपने रिश्तेदारों को मिलने और हिंदू मंदिरों के दर्शन के लिए 99 हिंदुओं का एक दल भारत पहुंचा था। ये सभी पाकिस्तानी नागरिक हैं, लेकिन वीजा की अवधि खत्म होने और जरूरी दस्तावेजों की कमी के कारण वापस अपने देश नहीं जा पा रहे हैं। इसी कारण ढाई महीने से उन्होंने भारत-पाकिस्तान को जोड़ने वाले अमृतसर के अटारी-वाघा बॉर्डर पर डेरा लगाया हुआ है। इसी डेरे में 2 दिसंबर को एक बच्चे ने जन्म लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *