Navjot Singh Sidhu

नवजोत सिंह सिद्धू ने दिया प्रधान पद से इस्तीफा

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अमृतसर ( पंजाब 365 न्यूज़ ) : पंजाब में हुई करारी हार के बाद हर किसी ने हर का जिम्मेदार चन्नी को ठहराया था लेकिन कुछ जिम्मेदार नवजोत सिंह सिद्धू भी थे।आपको बता दे की कई मंत्रियों ने भी सिद्धू को इसका जिम्मेदार ठहराया था। पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, बलबीर सिंह सिद्धू, सांसद रवनीत बिट्टू और गुरजीत औजला ने तो हार के लिए सीधे तौर पर सिद्धू को जिम्मेदार ठहराया था। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा सिद्धू समेत पांच प्रदेश प्रधानों के इस्तीफा मांग लिए जाने के बाद माना जा रहा है कि हार के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने का सिलसिला थमेगा और पार्टी में नए प्रधान के चयन संबंधी गतिविधियां तेज हो जाएंगी। कांग्रेस की आपसी कलह ही कांग्रेस को ले डूबी। हार इतनी शर्मनाक हुई की कांग्रेस मुँह दिखने के लायक नहीं रही। लेकिन अब विधानसभा चुनाव में पार्टी की शर्मनाक हार के बाद पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने एक लाइन का इस्तीफा पार्टी प्रधान सोनिया गांधी को भेजा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के पीसीसी अध्यक्षों से कहा था कि वे पीसीसी के पुनर्गठन की सुविधा के लिए अपना इस्तीफा दें।


गलत व्यानबाजी भी कांग्रेस को ले डूबी :
इससे पहले मंगलवार को विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के कारण तलाशते हुए कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्लूयूसी) की बैठक में सभी पक्षों को सुना गया था। पंजाब के मामले में ज्यादातर नेताओं ने पार्टी की अंदरूनी कलह के अलावा नवजोत सिद्धू, चरणजीत चन्नी और पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ के बीच सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी को जिम्मेदार ठहराया था।मंगलवार को चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने मालवा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशियों और नेताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक में पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने भी हिस्सा लिया था। बैठक के दौरान कई नेताओं ने मुख्य रूप से पार्टी के अंदरूनी कलह को हार का कारण बताया। नेताओं ने कहा कि पार्टी के जिम्मेदार नेताओं नवजोत सिद्धू, चरणजीत चन्नी और सुनील जाखड़ में अनबन ने पार्टी की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक किया, जिसका नुकसान पार्टी को चुनाव में झेलना पड़ा है।

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