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ऐसे कानून जो हर भारतीय को पता होने चाहिए

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कानून (पंजाब 365 न्यूज़ ) : कई बार हम अपनी जिंदगी में ऐसे लोगो से जरूर मिलते है जिन्हे किसी कानून और धरा का गया नहीं होता है और लोगो की बातो में आकर वो गलत फैसला ले लेते है। तो आज हम ऐसे ही लोगो को जागरूक करने के लिए कुछ कानूनों के बारे में आपको बताने जा रहे है जो कभी न कभी आपको अपने जीवन में जरूरत पड़ सकती है। भारतीय संविधान ने लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए बहुत से कानूनी उपाय बताये हैं परन्तु दुर्भाग्यवश कुछ उपाय तो लोगों को अभी तक पता ही नहीं चल पाये हैं । इस लेख में हमने ऐसे ही कुछ कानूनों और अधिकारों की चर्चा की है जो कि साधारण लोगों / महिलाओं को शोषण से बचायेंगे।
*-व्यभिचार ( शादी के बाहर शारीरिक रिश्ता बनाना ) , शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना नपुंसकता बिना बताए छोड़कर जाना , हिंदू धर्म छोड़कर कोई और धर्म अपनाना , पागलपन , लाइलाज बीमारी वैराग्य लेने और सात साल तक कोई अता – पता न होने के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की जा सकती है ।
*- ड्राइविंग के समय यदि आपके 100ml ब्लड में अल्कोहल का लेवल 30mg से ज्यादा मिलता है तो पुलिस बिना वारंट आपको गिरफ्तार कर सकती है ।

मोटर वाहन एक्ट , 1988 , सेक्शन -185,202

*- किसी भी महिला को शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 बजे से पहले गिरफ्तार नही किया जा सकता है ।

आपराधिक प्रक्रिया संहिता , सेक्शन 46

भारत का वोट डालने वाला प्रथम व्यक्ति

*- पुलिस अफसर FIR लिखने से मना नही कर सकते , ऐसा करने पर उन्हें 6 महीने से 1 साल तक की जेल हो सकती है

भारतीय दंड संहिता , 166 A

*- कोई भी होटल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों न हो , आपको फ्री में पानी पीने और वाशरूम का इस्तेमाल करने से नही रोक सकता है ।

भारतीय सरिउस अधिनियम 1887

*-कोई भी शादीशुदा व्यक्ति किसी अविवाहित लड़की या विधवा महिला से उसकी सहमती से शारीरिक सम्बन्ध बनाता है तो यह अपराध की श्रेणी में नही आता है ।

भारतीय दंड संहिता व्यभिचार , धारा 498

*- यदि दो वयस्क लड़का या लड़की अपनी मर्जी से लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं तो यह गैर कानूनी नही है । और तो और इन दोनों से पैदा होने वाली संतान भी गैर कानूनी नही है और संतान को अपने पिता की संपत्ति में हक़ भी मिलेगा ।

घरेलू हिंसा अधिनियम , 2005

*-एक पुलिस अधिकारी हमेशा ही ड्यूटी पर होता है चाहे उसने यूनिफार्म पहनी हो या नही । यदि कोई व्यक्ति इस अधिकारी से कोई शिकायत करता है तो वह यह नही कह सकता कि वह पीड़ित की मदद नही कर सकता क्योंकि वह काटी पर नही है ।

पुलिस एक्ट , 1861

*-कोई भी कंपनी गर्भवती महिला को नौकरी से नहीं निकाल सकती ऐसा करने पर अधिकतम 3 साल तक की सजा हो सकती है ।

मातृत्व लाभ अधिनियम , 1961

*-. टैक्स उल्लंघन के मामले में कर वसूली अधिकारी को आपको गिरफ्तार करने का अधिकार है लेकिन गिरफ्तार करने से पहले उसे आपको नोटिस भेजना पड़ेगा । केवल टैक्स कमिश्नर यह फैसला करता है कि आपको कितनी देर तक हिरासत में रहना है ।

आयकर अधिनियम , 1961

*_ तलाक निम्न आधारों पर लिया जा सकता है : हिंदू मैरिज एक्ट के तहत कोई भी ( पति या पत्नी ) कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दे सकता है । व्यभिचार ( शादी के बाहर शारीरिक रिश्ता बनाना ) , शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना नपुंसकता बिना बताए छोड़कर जाना , हिंदू धर्म छोड़कर कोई और धर्म अपनाना , पागलपन , लाइलाज बीमारी वैराग्य लेने और सात साल तक कोई अता – पता न होने के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की जा सकती है ।

हिंदू मैरिज एक्ट की धारा -13

*_ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 में वाहन चालकों को हेलमेट लगाने का प्रावधान है । मोटर वाहन अधिनियम की धारा 128 में बाइक पर दो व्यक्तियों का बैठने का प्रावधान है । लेकिन ट्रैफिक पुलिस के द्वारा गाड़ी या मोटरसाइकिल से चाबी निकालना बिलकुल ही गैर कानूनी है इसके लिए आप चाहें तो उस कांस्टेबल / अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी कर सकते हैं ।

मोटर वाहन अधिनियम

*_. केवल महिला पुलिसकर्मी ही महिलाओं को गिरफ्तार कर थाने ला सकती है । पुरुष पुलिसकर्मियों को महिलाओं को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है । इतना ही नहीं महिलाएं शाम के 6 बजे से सुबह के 6 बजे के बीच पुलिस स्टेशन जाने से मना कर सकती हैं । एक गंभीर अपराध के मामले में मजिस्ट्रेट से लिखित आदेश प्राप्त होने पर ही एक पुरुष पुलिसकर्मी किसी महिला को गिरफ्तार कर सकता है ।

दंड प्रक्रिया संहिता , 1973

*_ बहुत ही कम लोग इस बात को जानते हैं कि यदि उनका गैस सिलेंडर खाना बनाते समय फट जाये तो आप जान और माल की भरपाई के लिये गैस कम्पनी से 40 लाख रुपये तक की सहायता के हक़दार हैं ।

*_ आपको यह जानकर अचरज होगा कि यदि आप किसी कंपनी से किसी त्यौहार के मौके पर कोई गिफ्ट लेते हैं तो यह रिश्वत की श्रेणी में आता है । इस जुर्म के लिए आपको सजा भी हो सकती है ।

विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम ( FCRA ) 2010

*_ यदि आपका किसी दिन चालान ( बिना हेलमेट के या किसी अन्य कारण से ) काट दिया जाता है तो फिर दुबारा उसी अपराध के लिए आपका चालान नही काटा जा सकता है ।

मोटर वाहन ( संशोधन ) विधेयक , 2016

*_ कोई भी दुकानदार किसी उत्पाद के लिए उस पर अंकित परन्तु उपभोक्ता , अधिकतम खुदरा मूल्य से कम पर उत्पाद खरीदने के लिए दुकानदार से भाव तौल कर सकता है ।

धिकतम खुदरा मूल्य अधिनियम , 2014

*_ यदि आपका ऑफिस आपको सैलरी नही देता है तो आप उसके खिलाफ 3 साल के अन्दर कभी भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं । लेकिन यदि आप 3 साल के बाद रिपोर्ट करते हैं तो आपको कुछ भी हासिल नही होगा |

परिसीमा अधिनियम , 1963

*_ यदि आप सार्वजनिक जगहों पर ” अश्लील गतिविधि ” में संलिप्त पाये जाते हैं तो आपको 3 महीने तक की कैद भी हो सकती है । परन्तु ” अश्लील गतिविधि ” की कोई स्पष्ट परिभाषा नही होने के कारण पुलिस इस कानून का दुरूपयोग करती है |

भारतीय दंड संहिता की धारा 294

*_ यदि आप हिन्दू हैं और आपके पास आपका पुत्र है , पोता है या परपोता है तो आप किसी दूसरे लड़के को गोद नही ले सकते हैं । साथ ही गोद लेने वाले व्यक्ति और गोद लिए जाने वाले बच्चे के बीच कम से कम 21 वर्ष का अंतर होना जरूरी है ।

हिंदू गोद लेना और रखरखाव अधिनियम , 1956
*_ हमारे देश में बाल विवाह एक बहुत पुराना रिवाज रहा है। यह कानून दोनों लिंगों के बच्चों को जल्दी शादी के कारण होने वाली परेशानियों से बचाता है। हालाँकि, ज्यादातर मामले जो खुले में सामने आते हैं उनमे छोटी लड़कियों की शादी उनसे बड़े आदमी से कर दी जाती है। जैसे, यह जानना जरूरी है कि एक लड़की की शादी करने की कानूनी उम्र 18 साल है, जबकि लड़के के लिए यह 21 साल की उम्र है। माता-पिता जो निर्धारित उम्र तक पहुंचने से पहले अपने बच्चों का ज़बरदस्ती विवाह कर लेते हैं, इस कानून के तहत दंड के अधीन हैं।

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