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जानिए कहाँ एक तरफ पड़ा भोग दूसरी तरफ लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे ,पंजाब में हालात तनावयुक्त

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अमृतसर ( पंजाब 365 न्यूज़ ) : आज के वक़्त में हर कोई अपना दबदबा बनाना चाहता है। हर कोई अपने अलग देश की मांग कर रहा है। ऑपरेशन ब्लू स्टार की 38वीं बरसी के मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि आजादी ने सिखों को धार्मिक और राजनीतिक रूप से कमजोर किया है। सिखों को मजबूत होकर देश की इकोनाॅमी में कब्जा करना होगा। तभी हमारा राज होगा। सिखी के प्रचार के लिए सभी को एकजुट होकर मैदान में उतरना होगा। जत्थेदार ने कहा कि 1947 से ही सिखों को दबाने की नीतियां बन गई थी। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिखों को गतका के अलावा मॉडर्न हथियारों की ट्रेनिंग देने का संदेश दिया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि धन गुरु अंगद देव जी महाराज ने माला साहिब में गतका अखाड़े तैयार किए थे। ऐसा कहने में हर्ज नहीं है कि अब सिखों को भी मॉडर्न हथियारों के अखाड़े, जिन्हें शूटिंग रेंज कहते हैं, भी तैयार किए जाएंगे। यह समय की जरूरत है। इसी दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के बाहर जोर-जोर से खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे और पंजाब को खालिस्तान बनाने की भी मांग उठी।
एक तरफ पड़ा भोग दूसरी तरफ लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे :
ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर श्री अकाल तख्त साहिब पर चल रहे अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके उपरांत श्री अकाल तख्त साहिब पर ब्लू स्टार ऑपरेशन के दौरान मारे गए सिखों के परिवारों को सम्मानित किया गया। इसके बाद एक तरफ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार संदेश दे रहे थे, वहीं दूसरी तरफ खालिस्तान के नारे लगने शुरू हो गए। श्री अकाल तख्त साहिब के नीचे एकत्रित सिखों ने पंजाब को खालिस्तान बनाने की मांग रखी। इस दौरान सरबत खालसा की तरफ से चुने गए जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने भी अपना संदेश सिख संगत को दिया।
सिखों के सामने खड़ी है चुनौतियां :
सिखों के सामने आज बहुत चुनौतियां खड़ी है, जो हमें धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक तौर पर कमजोर कर रही है। इसी कड़ी में इसाईयत का प्रचार जोर-शोर से हो रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए एकजुट होकर दोबारा मैदान में डटना होगा। गांव-गांव जाकर सिखी को बुलंद करना होगा। अब एसी कमरों से बाहर निकलने का समय आ गया है। अगर हम धार्मिक रूप से मजबूत नहीं होंगे तो हम आर्थिक रूप से ताकतवर नहीं होंगे। इससे ही राजनीतिक कमजोरी आएगी।

ईसाई धर्म के प्रचार पर जताई चिंता :
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपने संदेश में ईसाई प्रचार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गांवों में ईसाई धर्म प्रचार में जुटा हुआ है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सिख प्रचार कमेटियों व संस्थाओं को गांवों व खासकर बॉर्डर एरिया में जाकर सिख धर्म का प्रचार करने की बात कही। उनका कहना था कि सिखों का धर्म में मजबूत होना बहुत जरूरी है। अगर सिख धर्म मजबूत होगा तो वह आर्थिक व सामाजिक तौर पर भी मजबूत हो जाएंगे। इन तीनों में मजबूत हुए तो राजनीतिक तौर पर भी मजबूत होने में कोई नहीं रोक सकता।

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