Know what the voters said

जानिए वोटरों ने क्या कहा किस पार्टी को अपना कीमती वोट देकर बनाएंगे विजयी

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एग्जिट पोल : ( पंजाब 365 न्यूज़ ) : इस बार पंजाब के चुनाव सभी का केंद्र बने हुए हैं हर किसी की नज़र पंजाब के चुनावों पर है और हर एक पार्टी जी जान से जोर लगा रही है जितने के लिए। हर एक पार्टी लोगो को लुभाने के लिए नए नए पैंतरे भी अपना रही है। और हैरानी की बात ये है की वोटिंग को अब बस 9 दिन बचे है और उम्मीदवार अभी भी पुरे इलाकों में वोट मांगने नहीं जा पाए है। लेकिन लोग भी अब बहुत समझदार हो गए है। हर कोई अब पॉलिटिक्स समझ चूका है। लेकिन हैरानी की बात ये है की कई पार्टियां अभी तक कई जगहों पर वोट मांगने ही नहीं पहुंची है। कुछ लोगो से जब हमने इलेक्शन से लेकर बात की तो लोगो ने कहा की कई पार्टियां अभी तक उनके घर ही नहीं पहुंची है वोट मांगने। और कई लोगो को ये ही नहीं पता है की कौन सी सीट पर कौन उम्मीदवार खड़ा है। लोग सुनी सुनाई बात पर भी विश्वास कर लेते है ।
भाजपा :
बात करे भाजपा की तो कई लोग भाजपा के पक्ष में भी दीखे और कई विपक्ष। जैसा की आमतौर पर होता लेकिन ज्यादातर विपक्ष में ही दिखे। ये सब कुछ किसान आंदोलन की वजह से हुआ है। लोग वो बात भूल नहीं रहे है की किसानों ने एक साल से भी ज्यादा वक़्त घरों से अपनी मांगें मनवाने के लिए बाहर गुजरा था। इसलिए BJP को इलेक्शन में इसका नेगटिव पॉइंट मिल सकता है। लेकिन भाजपा भी इलेक्शन में पूरा जोर लगा रही है। जब लोगो से हमने वोटिंग को लेकर राय ली तो लोगो का सबसे पहला मुद्दा महंगाई ही था ,की मोदी सरकार ने बहुत महंगाई कर रखी है। हम परेशान हो चुके है। इसलिए अब वो बदलाव चाहते है। जैसे ही राम रहीम जेल से बाहर आये हर किसी ने इसे राजनीतक पहलु से देखा। डेरा प्रमुख के बाहर आने से भाजपा को जहां पंजाब और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में लाभ मिलने की आस है, वहीं शिरोमणि अकाली दल और इनेलो को नहीं लगता कि बाबा के फरलो पर बाहर आने से भाजपा को खास फायदा होगा। डेरा प्रमुख की फरलो पर फिलहाल कांग्रेस ने यह मानते हुए चुप्पी साध ली है कि कुछ सीटों पर उसके उम्मीदवार बाबा का आशीर्वाद पाने में कामयाब हो सकते हैं।पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच डेरा प्रमुख को मिली फरलो को मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गृह मंत्री अनिल विज और जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने महज एक संयोग माना है, लेकिन राजनीति के जानकार लोग इसे सिर्फ संयोग मानने को तैयार नहीं हैं। उन्हें लगता है कि डेरा प्रमुख की मिली फरलो का कम से कम पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनाव कनेक्शन जरूर है। डेरा प्रमुख को 25 अगस्त 2017 को रोहतक की सुनारिया जेल में भेजा गया था। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम फिलहाल गुरुग्राम के सेक्टर 50 स्थित अपने डेरा चर्चा घर में मौजूद है। डेरे की 45 सदस्यीय कमेटी बाबा के लगातार संपर्क में है, जो डेरा अनुयायिओं को बाबा के राजनीतिक संकेत की जानकारी देती है। डेरे का पंजाब के मालवा रीजन की कई सीटों और उत्तर प्रदेश की करीब दो दर्जन विधानसभा सीटों पर असर माना जाता है। डेरा प्रमुख को गुरुग्राम के डेरे के अलावा किसी भी दूसरे डेरे में जाने की इजाजत नहीं है। ऐसा उसकी फरलो में भी दर्ज है। लिहाजा समस्त गतिविधियों का केंद्र गुरुग्राम ही बना हुआ है। पंजाब के पिछले चुनाव में अंतिम समय पर डेरा समर्थकों ने भाजपा का समर्थन किया था, जिसका भाजपा व अकाली दल गठबंधन को लाभ मिला था।

बहुजन समाज पार्टी :
आपको बता दे की आज हर पार्टी दलित के नाम पर वोट बटोरने का काम कर रही है लेकिन आम इंसान क्या चाहता है ये तो 10,मढ़ को ही सामने आ सकता है। हर पोलिटिकल पार्टी नए नए वायदे कर हर रोज चर्चा का विषय बनी हुई है। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासी समीकरण बदलने शुरू हो गए हैं । शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी के साथ चरणजीत सिंह चन्नी की काट करने की रणनीति तैयार कर रही है। आपको बता दें कि 25 साल पहले दोनों सियासी दलों ने गठबंधन कर पंजाब में चुनाव लड़ा था। बसपा संस्थापक कांशीराम और शिअद संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने 1996 के लोकसभा चुनाव में शिअद-बसपा का गठबंधन किया था। उस दौरान बहुजन समाज पार्टी को होशियारपुर, फिल्लौर और फिरोजपुर में जीत हासिल हुई थी, लेकिन एक साल बाद 1997 के विधानसभा चुनाव में यह गठबंधन टूट गया था। 25 साल बाद दोबारा शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन से पंजाब में सत्ता पर काबिज़ होने की रणनीति तैयार कर रही है।पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के बीच कुल 117 सीटों में से 97 सीटों पर शिअद और 20 पर बसपा चुनाव लड़ेगी। आपको बता दें कि पूर्व में शिअद संरक्षक और पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम के साथ मिलकर गठबंधन किया था। इस शिअद-बसपा गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड सीटों पर जीत दर्ज की थी। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंब बादल ने कहा है कि इस बार विधानसभा चुनाव में फिर 1996 के लोकसभा चुनाव की तरह जीत दर्ज करेंगे और पंजाब में गठबंधन की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि अकालियों का इतिहास रहा है कि वह जिसका हाथ पकड़ते हैं, उसे कभी नहीं छोड़ते। शिअद जब भी सत्ता में आई तो पंजाब के दलितों के साथ किसानों की हित में फ़ैसले कर कई योजनाएं बनाईं। शिरोमणि अकाली दल के बाद बहुजन समाज पार्टी ने भी 14 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
आपको बता दे की बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की सुप्रीमो मायावती (Supremo Mayawati) ने सोमवार को कांग्रेस (Congress), सपा (SP) और भाजपा (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने दलितों और गरीबों (Dalits And Poor) के लिए कोई काम नहीं किया है. मायावती (Mayawati) ने लोगों से टीवी चैनलों (TV Channels) के चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों (Pre-Election Surveys) पर भरोसा नहीं करने की अपील (Appeal) की. बसपा सुप्रीमो (BSP Supremo) ने सोमवार को बरेली मंडल (Bareilly Division) के सभी जिलों (Districts) के पार्टी उम्मीदवारों (Party Candidates) के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस (Congress) पर हमेशा दलित विरोधी (Anti Dalit) रहने का आरोप लगाया. उन्होंने सपा (SP) पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘सपा नीत सरकार (SP Led Government) में गुंडों (Goons) और माफियाओं (Mafia) का बोलबाला रहा है. सपा सरकार में दंगे (Riots) और लूट खसोट होता रहा है.’


कांग्रेस :
कांग्रेस एक ऐसी पार्टी बन चुकी है जिनकी आपसी कलह ही पंजाब में खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। जब से राहुल गाँधी ने पंजाब का CM फेस घोषित किया है हर कोई अपनी नाराजगी ज़ाहिर कर रहे हैं। । बात करे सिद्धू की तो पिछले कल ही उनकी पत्नी ये बयान दिया की मेरे पति ही CM बनने के लायक थे ,पड़े लिखे है मेरे पति के पास बढ़िया पंजाब मॉडल है वो 6 महीनो में ही पंजाब की स्थिति बदल सकते थे।
चन्नी को CM फेस घोषित करना सिद्धू और कई कोंग्रेसियों को पसंद नहीं आये। कांग्रेस का यही नेगटिव पॉइंट कांग्रेस को ले डूबेगा। लोगो का कहना है की जो खुद ही एक दूसरे पर रूप प्रत्यारोप लगा रहे है वो लोगो की क्या सुनेगे। जब से चरणजीत चन्नी को cm,फेस घोषित किया सिद्धू भी शांत हो गए है कोई टिप्पणी नहीं कर रहे है जबकि सब को पता है की सिद्धू खुद CM बनना चाहते थे। कांग्रेस के सुनील झाखड़ का एक दम से राजनीती से सन्यास भी कांग्रेस को एक बड़ा झटका है। अब तो सिद्धू की बेटी भी प्रचार में कूद पड़ी है। राबिया सिद्धू भी अब राजनीति का क ख ग सीख गई हैं। राबिया ने मजीठिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके मजीठा विधानसभा क्षेत्र में करियाने की दुकान पर ही 20-20 रुपये में चिट्टा मिलता है। कांग्रेस अमृतसर में ऐसा होने नहीं देंगे। राबिया ने कहा कि यह लोगों को तय करना है कि उन्होंने नशे में लिप्त लोगों को वोट करना है या ईमानदार व सच्चाई के राह पर चलने वाले उनके पिता नवजोत सिंह सिद्धू को। राबिया ने मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह उनके पिता नवजोत सिंह सिद्धू के सामने खड़े होने के लायक नहीं। 133 करोड़ संपत्ति वाले चन्नी गरीब नहीं हो सकते। उनके पिता पंजाब माडल के लिए 14 वर्षों से प्रयासरत हैं। उन्हें विश्वास है कि जीत पापा की होगी, क्योंकि वह सच्चे हैं। सिद्धू ने कहा था कि हमारे पास पैसे नहीं कि बेटी की शादी कर सकें। राबिया ने इस पर कहा कि वह भावुक होकर ऐसा बोल गए थे। मेरे लिए उनके पास सब कुछ है। इसके साथ ही राबिया सिद्धू ने ऐलान किया कि वह तब तक शादी नहीं करेंगी जब तक उनके पिता नवजोत सिंह सिद्धू नहीं जीत जाते।
आप :
अब बात करे आप की तो आज हर पार्टी को पछाड़ कर आप एक एकदम वहीँ खड़ी है यहाँ से वो हर पार्टी को मात दे सकती है। चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव जितने के बाद आम आदमी पार्टी के होंसले और भी बुलंद हो गए है। आम आदमी पार्टी ने भी अपना CM फेस भगवंत मान को घोषित किया हुआ है। तब से और पार्टियां भी CM फेस घोषित करने में लग गयी। पंजाब में आम आदमी पार्टी पहली बार भगवंत मान को सीएम फेस घोषित कर चुनाव लड़ रही है। 2017 चुनाव में आप के हक में लहर चल रही थी लेकिन सीएम फेस न होने से आप मात खा बैठी। वहीं इस बार भगवंत मान जरूर सीएम फेस हैं लेकिन प्रचार के केंद्र में अरविंद केजरीवाल को ही रखा गया है। पंजाब में केजरीवाल के नाम पर आम आदमी पार्टी एक मौका मांग रही है। लेकिन जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे सबकी धड़कने तेज़ हो रही है। केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने जी जान से मेहनत लगा दी है जीत हासिल करने के लिए। अब केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल और बेटी हर्षिता पंजाब आ रही हैं। वह कल संगरूर के धूरी में चुनाव प्रचार करेंगी। यहां से आम आदमी पार्टी के सीएम चेहरा सांसद भगवंत मान चुनाव लड़ रहे हैं। उनके साथ भगवंत मान की मां और बहन भी साथ होंगी।सांसद भगवंत मान ने बताया कि केजरीवाल और उनका परिवार मिलकर प्रचार करेगा। वह धूरी में महिलाओं से संवाद करेंगी। इस कार्यक्रम का नाम ‘लेखा मावां-धियां दा’ रखा गया है। प्रचार के दौरान अरविंद केजरीवाल परिवार के साथ नहीं होंगे। केजरीवाल इस दौरान गोवा में प्रचार के लिए जा रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान को पंजाब में AAP का सीएम चेहरा बनाया है। लेकिन आम आदमी पार्टी पर भी खूब हमले हो रहे है। कांग्रेस के सीएम फेस चरणजीत चन्नी केजरीवाल को काला अंग्रेज तक कह चुके हैं। उनका कहना है कि बाहर से आकर लोग पंजाब पर राज करना चाहते हैं। अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल भी कह चुके हैं कि उनकी पार्टी पंजाब की है। अगर लोगों को कोई बाहरी चाहिए तो विदेश से कोई गोरे अंग्रेज को ले आते हैं। लोग आम आदमी पार्टी के झांसे में न आएं।

आपको बता दे की इस बार के रुझान आम आदमी पार्टी की तरफ है लोगो का भी यही कहना है की एक मौका सबको देकर देखना चाहिए। सभी पार्टिओं को दिया है इस बार आम आदमी पार्टी को देकर देखेंगे।


अब देखना ये दिलचस्प होगा की इन पार्टियों में आखिरकार कौन सी पार्टी बाज़ी मारती है।

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