Elections in Punjab on February 14

पंजाब में 14 फरवरी को चुनाव : लोगो ने ऐसी की मज़ेदार टिप्पणी

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पंजाब (पंजाब 365 न्यूज़ ): आख़िरकार वो दिन आ ही गया जिसका राजनितिक पार्टियों और आम जनता को इंतज़ार था। निर्वाचन आयोग ने पंजाब में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है। सूबे में वेलेंटाइन-डे के दिन 14 फरवरी को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। पंजाब में चुनाव के लिए नोटिफिकेशन 21 जनवरी को जारी होगा। 28 जनवरी तक नामांकन कर सकेंगे, 29 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 31 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 10 मार्च को चुनावी नतीजे आएंगे। बात करे पिछली बार की तो आयोग ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई तरह के एहतियात बरते जाएंगे। पिछली बार यहां चार फरवरी 2017 को मतदान हुआ था और 11 मार्च 2017 को नतीजे आ गए थे।
लेकिन 14-फरवरी को होने वाले चुनाव लोगो के लिए मनोरंजन का भी साधन बन गए है। जैसे ही कल ये एलान हुआ की 14-फरवरी को चुनाव होंगे तो लोगो ने मिम्स बनाना शुरू कर दिए। किसी ने कहा की हमे 14-फरवरी को अपना नेता चुनना है न की कोई महबूब इसलिए अपना वोट सोच समझ कर दे।
किसी ने कहा की 14- फरवरी मोहब्बत का दिन किसी भी ऐसे व्यक्ति पर मोहब्बत मत व्यक्त कर देना जिस से बाद में पछतावा हो।
आपको बता दे की पंजाब में विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च 2022 को पूरा हो रहा है। चुनावों में इस बार मुख्य रूप से कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी का गठबंधन सक्रिय है। वहीं आंदोलन खत्म होने के बाद पंजाब के 22 किसान संगठनों ने भी अलग मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।


आपको बता दे चुनाव रैलियों के दौरान विपक्ष बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाएगा। युवाओं में रोजगार के कम अवसर की वजह असंतोष की बातें में लगातार आती रही हैं। इसके साथ ही नशा, बॉर्डर पार से नशे की तस्करी, आतंकवाद जैसे मुद्दे भी पार्टियां चुनाव प्रचार के दौरान उठाएंगी।

पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरी है। वहीं भारतीय जनता पार्टी भी कांग्रेस छोड़ने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई पार्टी से गठजोड़ कर चुनावी दंगल में है। अभी तक कैप्टन की नई पार्टी को चुनाव आयोग से मान्यता नहीं मिली है, इसलिए अमरिंदर सिंह की ओर से सुझाए गए उम्मीदवार भाजपा के चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ सकते हैं। दूसरी ओर सत्ताधारी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी बिना किसी अन्य दल से समझौता या गठबंधन किए अकेले ही चुनाव में मैदान में हैं।

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