REGARDING BUDGET

Breaking news : देश की वित् मंत्री निर्मला सीतारमण आज कर रही है बजट पेश , ताज़ा अपडेट जानने के लिए करे क्लीक

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नई दिल्ली (पंजाब 365 न्यूज़)   :   वित् मंत्री सीतारमण आज 2021- का आम बजट पेश कर रही हैं।  केंद्र सरकार आज  अपना सातवां आम बजट पेश कर रही है। आपको बता दे की बजट से सबसे जयादा उमीदें महिलाओं  को होती है।  ऐसे में महिलाओं की सरकार से उम्मीद है इस बार रसोई गैस को कर मुक्त रखा जाये। अपने आज पेश होगा आम बजट  आमतौर पर सभी की निगाहें आम बजट पर रहती हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है की हर साल बजट पर , उद्योगपतिओं , व्यापारियों , माध्यम वर्ग की टैक्स देने बाले लोगों की नज़रे रहती है । 

लेकिन देश का एक बहुत बड़ा भाग जो गरीबी रेखा से निचे रहता है उन्हें  बजट से कोई लेना देना नहीं होता है।  लेकिन लोग इस बजट से काफी उमीदें लगाए बैठे हैं। सोशल एडीए पर भी इस बजट को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कोई टैक्स स्लैब इ बदलाब की बात कर रहा है तो कोई  सदी के सबसे खास और बेहतरीन बजट पेश होने की बात कर रहा है।  केंद्रीय मंत्रालय ने आज सुबह 11- बजे बजट पेश किया है।  संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी  ने कहा है की  बजट सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण और चर्चा के प्रस्ताव पर  धन्यवाद के लिए है।

दूसरा बजट किसी दूसरे जरुरु बिल पर चर्चा के लिए है।  बाकी सत्र के दूसरे हिस्से में जिनको जो पूछना हो सरकार जबाब देने के लिए तैयार है।

बजट 2021- हेल्थ सेक्टर :

आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का एलान

आत्मनिर्भर भारत के लिए सरकार की और से 64180-करोड़ का एलान किया गया है

पहले स्वास्थ्य बजट 94-हज़ार करोड़ था अब बढ़ाकर  2.38- लाख  करोड़ कर दिया गया है

कोरोना वैक्सीन के लिए 35-हज़ार करोड़ का एलान किया गया

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अमृत के लिए 2,87,000- करोड़ का एलान

हेल्थ सेक्टर का बजट 135- फीसद बढ़ाया गया

वित् मंत्री सीतारमण के इस बजट से घरेलू रसोई गैस उपभोगताओं  को राहत मिली है।  उन्होंने इनमे कोई बृद्धि नहीं की है लेकिन कमर्शियल गैस  उपभोगताओं  को झटका जरूर लग सकता है।

बगत देश के सविंधान का एक अहा हिस्सा है। लेकिन बजट के साथ कई परम्पराएं भी जुडी हुई है।।  जिन्हे अक्सर हम नियम समझ लेते हैं। अधिकतर सरकार इन्ही परम्पराओं का पालन कर बजट पेश करती है। वहीँ कुछ सरकार परम्पराएं तोड़कर बजट पेश करने की नयी परम्परा शुरू कर देती है। लेकिन बित्तीय कामकाजों की सहूलियत को देखते हुए मोदी  सरकार ने इसे बदल कर एक फरवरी कर दिया है। यानी की इस साल से बजट एक फरबरी से पेश होगा।

अगर परम्परा की बात करे तो इन्ही में से एक परम्परा बजट के समय को लेकर भी थी।  जो की 2001- में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने  ख़त्म की। y2y- यानी वर्ष 2000-तक देश का आम बजट शाम को 5- बजे पेश होता था। लेकिन अगर इस बात को समझने की कोशिश करे तो सके पीछे भी इतिहास जुड़ा हुआ था।।  अगर इस परम्परा की बात करे तो इस परम्परा के पन्ने स्वतंत्रता से करीब 20- साल पुराने हैं। ये बात 1927- की है उस समय अंग्रेज अधिकारी भी भारतीय संसदीय कार्यवाही में हिस्सा लेते थे।

और जब भारत में शाम के 5- बजते थे तो उस समय लंदन में सुबह के 11.30- बज रहे होते थे। लंदन के हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स (house of lords)

और हाउस ऑफ़ कॉमन्स में बैठे संसद भारत का बजट भाषन सुनते थे। आज़ादी के बाद भी ये निया जारी रहा।  लंदन स्टॉक एक्सचेंज भी उसी समय खुलता था।  ऐसे में भारत के कारोबार करने बाली कंपनियों के हिट इस बजट से तय होते थे।

लेकिन भारत द्वारा इस नियम को खत्म करने में काफी समय लग गया।  आज़ादी के 50- साल बाद इस कानून को हटाया गया। तत्कालीन NDA सरकार ने इस कानून को तोडा। उस समय के यशवंत सिन्हा ने इस  परम्परा को तोडा। उन्होंने ही सबसे पहले सुबह 11- बजे बजट पेश करना शुरू किया जो की पूरी तरह से भारत के समय और नियमानुसार था।

बड़ी घोषणाएं :

इतिहास में पहली बार पेपरलेस

बजट 6- पिलर पर आधारित है जिसमे पहला पिलर स्वास्थ्य और कल्याण है

PLI  स्कीम के अतिरिक्त मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए योजना शुरू की जाएगी

20,000- करोड़ रूपए की मदद से डेवलपमेंट फिनांशल इंस्टिट्यूट की स्थापना की जाएगी

20- साल पुराने निजी वाहनों और 15- साल पुराने  वाणिज्यिक वाहनों के लिए स्क्रैप पालिसी आएगी

प्रीपेड स्मार्ट मीटर जयादा संख्या में लगाए जायेंगे

ग्राहक अपनी मर्जी से बिजली कंपनी चुन सकेंगे

दो नए इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाये जायेंगे

रेलवे के लिए 2030- की योजना तैयार  की गयी है

रेलवे को 1.10- करोड़ रूपए दिया गए

देश में मेट्रो के लिए 11000- करोड़ रूपए दिए गए

अवसरंचना क्षेत्र में जीरो कूपन बांड के जरिये निवेश

सभी के लिए आवास  और किफायती  आवास सरकार की प्राथमिकता

कोरोना काल में 5- मिनी बजट पेश किये गए 

किसानों की आय दुगनी करने का लक्ष्य

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