International Child Labor Prohibition Day 2021: Take

अंतराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 2021 : लीजिए संकल्प की खत्म हो बाल श्रम का विकल्प

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चाइल्ड लेबर डे ( पंजाब 365 न्यूज़ ) : हमने कई बार देखा है की कई जगह पर छोटे छोटे बच्चे बाल मज़दूरी कर रहे होते है और इन सबका बड़ा कारण है गरीबी। गरीबी के चलते लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पाते और बाल श्रम में डाल देते है ताकि कमाई कर के लाये और घर का रोटी पानी चले। लेकिन ये पूरी तरह गलत होता है। हम सबको ये संकल्प लेना चाहिए की बच्चे स्कूल जाने की उम्र में मज़दूरी न करे इसके लिए कोई एक प्रयास करे ये भी संभव नहीं है इसके लिए हम सब को मिलकर प्रयास करना होगा।


बाल श्रम को खत्म कर देना चाइये क्योकि आने बाला कल इन्ही के हाथों में है। अगर हमारी आज की पीढ़ी साक्षर होगी तो आने वाला देश का भावी कल बहुत सुनहरा होगा। जिन हाथों में आने वाला कल होगा उनके हाथ में औज़ार नहीं कलम होनी चाहिए। आइये जानते हैं इसको मनाने का उदेश्य। इसको मनाए जाने का उद्देश्य 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम ना कराकर उन्हें शिक्षा दिलाने और आगे बढ़ने के लिए जागरूक करना है. हर साल इसकी अलग थीम रखी जाती है। नई दिल्लीः हर साल दुनियाभर में 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है।
महत्व् :
12 जून को बाल श्रम की समस्या के खिलाफ विश्व दिवस के रूप में चिह्नित किया गया है और बाल श्रम की समस्या पर ध्यान दिया गया है ताकि इसे मिटाने या इसके खिलाफ लड़ने के तरीके खोजे जा सकें. बच्चों को जबरन श्रम में धकेल दिया जाता है, मादक पदार्थों की तस्करी और वेश्यावृत्ति जैसी अवैध गतिविधियों के लिए बच्चों को मजबूर किया जाता है. इस वजह से लोगों को बाल श्रम की समस्या के बारे में जागरूक करने और उनकी मदद करने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है।
बच्चों के विकास पर आधारित और केंद्रित होता है यह दिन। बाल श्रम की सबसे बड़ी वजह ही गरीबी है। जिससे मजबूर होकर बच्चों को मजदूरी करनी पड़ता हैै। गरीबी को पूरी तरह मिटाने में अभी और कई साल लगने वाले हैं लेकिन बाल श्रम पर रोक लगाने के लिए कई संगठन कोशिश कर रहे हैं और कुछ हद तक कामयाब भी हुए हैं। बच्चे हर देश का भविष्य हैं। ये समझते हुए अपने फ्यूचर के बारे में सोचें और उसे बचाएं।

जब उठा था पहली बार मुद्दा :
अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ (ILO) ने पहली बार बाल श्रम रोकने का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद साल 2002 में सर्वसम्मति से एक ऐसा कानून पारित हुआ जिसके तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी करवाना अपराध माना गया। अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ (ILO) के 187 सदस्य देश हैं। ILO ने विश्व में श्रम की स्थितियों में सुधार के लिए कई सम्मेलनों को पारित किया है। और तो और यह मजदूरी, काम के घंटे, अनुकूल वातावरण इत्यादि मामलों पर भी जरूरी गाइडलाइंस देता रहता है। 1973 में, ILO सम्मेलन संख्या 138 को अपनाकर रोजगार के लिए न्यूनतम आयु पर लोगों का ध्यान केंद्रित किया गया। जिसका मकसद सदस्य राज्यों को रोजगार की न्यूनतम आयु बढ़ाने और बाल मजदूरी को समाप्त करना था।

इस वर्ष की थीम :
‘ Act now: End child labour’

covid -19, के कारण हुआ है इज़ाफ़ा :
विश्व बाल श्रम दिवस के मौक पर एक रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 दुनिया भर में पिछले चार साल में बाल श्रमिकों की संख्या 84 लाख से बढ़ कर 1.6 करोड़ तक हो गई है. वहीं ILO की रीपोर्ट के अनुसार 5 से 11 साल की उम्र के बाल श्रम में पड़े बच्चों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। अब इन बच्चों की संख्या कुल बाल श्रमिकों की संख्या की आधी से ज्यादा हो गई है। वहीं 5 से 17 साल तक के बच्चे जो खतरनाक कार्यों के संलग्न हैं वे साल 2016 से 65 लाख से 7.9 करोड़ तक हो गए हैं।

1 thought on “अंतराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 2021 : लीजिए संकल्प की खत्म हो बाल श्रम का विकल्प

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