Indian pilgrims are being warmly

भारतीय श्रद्धालुओं का पाकिस्तान में काफी गर्मजोशी से हो रहा है स्वागत

International Latest Punjab

पाकिस्तान ( पंजाब 365 न्यूज़ ) : पूरे डेड साल के बाद भारतीय श्रद्वालुओं के लिए करोडोर के दरवाजे खुल गए है जिसकी ख़ुशी श्रद्वालुओं में साफ साफ़ देखि जा सकती है। भारतीय श्रद्धालुओं का पाकिस्तान में काफी गर्मजोशी से स्वागत हो रहा है। भारत से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की गिनती काफी कम है, लेकिन गुरु पर्व होने के कारण पाकिस्तान में बसे सिख श्रद्धालुओं की गिनती अधिक है। सिंध से काफी सिख श्रद्धालु करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार को करतारपुर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि उनका स्वागत फूलों के साथ किया गया था। उनके अलावा सिंध से भी 500 से अधिक श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे थे, जो पंजाब से आने वाले हर श्रद्धालु को गले लगाकर भावुक हो रहे थे। गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व 19 नवंबर के लिए चल रहे रजिस्ट्रेशन फुल हो गए हैं। अब 20 नवंबर और इससे आगे की तारीखाें के लिए रजिस्ट्रेशन जारी हैं।
गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने की घोषणा के बाद से ही यहां लगातार रिपेअर का काम चल रहा है। 20 महीनों तक खाली रहने वाली सड़कों पर पड़े गड्‌ढों को भरने के लिए पैचवर्क किया जा रहा है। इतना ही नहीं करतारपुर कॉरिडोर को लाइटों से सजाने का काम भी चल रहा है।
आज रवाना हो चुके है CM-चन्नी :
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आज अपनी कैबिनेट के साथ पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले हैं।वित्त मंत्री मनप्रीत बादल और मेयर करमजीत सिंह रिंटू करतारपुर कॉरिडोर पहुंच चुके हैं। मनप्रीत बादल ने हाथ जोड़ गुरुनानक देव जी का धन्यवाद किया। लेकिन कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि सीएम चन्नी ही आ कर बात करेंगे।

करतारपुर कॉरिडोर खुलने की घोषणा के साथ ही सबसे पहले सीएम चन्नी ने करतारपुर साहिब में दर्शनों की इच्छा जाहिर की थी। सूचना है कि वह सुबह 11 बजे के करीब करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए निकल जाएंगे।

वहीं फिलहाल वे श्रद्धालु करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए जा रहे हैं, जिन्होंने डीसी कार्यालय से स्पेशल परमिशन ली है। बुधवार को 23 के करीब श्रद्धालुओं ने करतारपुर साहिब में स्पेशल परमिशन के बाद माथा टेका था। सुबह 9 बजे के बाद श्रद्धालु करतारपुर कॉरिडोर से गुरुद्वारा साहिब के लिए गए, लेकिन शाम 5 बजे से पहले उनका भारतीय सीमा में दाखिल होना जरूरी होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *