This film will be made on Article 370:

अनुच्छेद 370 पर बनेगी ये फिल्म : कश्मीर में होगी शूटिंग

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एंटरटेनमेंट (पंजाब 365 न्यूज़ ) : भारतीय संविधान में धारा 370 एक ऐसा प्रावधान था जो जम्मू-कश्मीर को देश का अंग होते हुए भी देश से अलग मानता था। संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इसका ड्रॉफ्ट तैयार करने से मना कर दिया था जबकि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी इसके घोर विरोधी थे।साल 1950 में भारतीय संविधान प्रभाव में आया और धारा 370 में जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया. धारा 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित क़ानून को लागू करवाने के लिये केन्द्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिये।
भारत सरकार ने 5 अगस्त 2019 को राज्यसभा में एक ऐतिहासिक जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 पेश किया जिसमें जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य का विभाजन जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केन्द्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव किया गया। जम्मू कश्मीर केन्द्र शासित क्षेत्र में अपनी विधायिका होगी जबकि लद्दाख बिना विधायिका वाला केन्द्र-शासित क्षेत्र होगा।

विशेष अधिकार:
धारा 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित क़ानून को लागू करवाने के लिये केन्द्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिये।

इसी विशेष दर्ज़े के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती।

इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्ख़ास्त करने का अधिकार नहीं है।

1976 का शहरी भूमि क़ानून जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता।

इसके तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि ख़रीदने का अधिकार है। यानी भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में ज़मीन नहीं ख़रीद सकते।

भारतीय संविधान की धारा 360 जिसके अन्तर्गत देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है, वह भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होती।

जम्मू और कश्मीर का भारत में विलय करना ज़्यादा बड़ी ज़रूरत थी और इस काम को अंजाम देने के लिये धारा 370 के तहत कुछ विशेष अधिकार कश्मीर की जनता को उस समय दिये गये थे। ये विशेष अधिकार निचले अनुभाग में दिये जा रहे हैं।

कुछ दिनों पहले यह खबर आई थी कि अजय देवगन और रोहित शेट्टी जल्द ही ‘सिंघम 3’ लेकर आ रहे हैं। हालांकि, मेकर्स ने अब तक फिल्म की ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है। अब खबर आ रही है कि ‘सिंघम 3’ अनुच्छेद 370 की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी। रोहित शेट्टी ही इस फिल्म का निर्देशन करेंगे। फिल्म सच्ची घटना को रेखांकित करेगी। फिल्म में यह दिखाया जाएगा कि सरकार के इस कदम ने कैसे आतंकी संगठनों को हिला दिया था। फिल्म के तार ‘सूर्यवंशी’ से जुड़े हो सकते हैं। इस फिल्म में दिखाया जाएगा कि कैसे अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद कश्मीर में आतंकवादियों की एंट्री पर रोक लगी है।


एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ‘सिंघम 3’ की कहानी वहीं से शुरू होगी, जहां से ‘सूर्यवंशी’ खत्म हुई थी। बता दें कि इससे पहले सिंघम फ्रेंचाइजी की दो फिल्में ‘सिंघम’ और ‘सिंघम रिटर्न्स’ रिलीज हो चुकी हैं। अजय और रोहित फिल्म की शूटिंग कश्मीर के रियल लोकेशंस पर करेंगे। फिल्म की शूटिंग अगले साल सितंबर में शुरू हो सकती है।

यह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 2023 में बड़े पर्दे पर दर्शकों के बीच आ सकती है। कश्मीर, दिल्ली और गोवा में फिल्म की शूटिंग होगी। फिल्म के क्लाइमेक्स सीन में रणवीर सिंह और अक्षय कुमार भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उन्हें कैमियो की भूमिका में देखा जाएगा। ‘सिंघम 3’ में अजय के अलावा जैकी श्रॉफ भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।

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