Mahabharata in Kaliyuga

कलयुग में महाभारत : गंगा किनारे बॉक्स में लाल कपड़े में लिपटी मिली नवजात

Crime National

उतर प्रदेश (पंजाब 365 न्यूज़ ) : जाको राखे साइयाँ मार सके न कोई। कहते हैं जिसको भगवान खुद हाथ रख के बचाने वाला हो उसे कोई भी नहीं मार सकता। लेकिन सोचने बाली बात ये है की जब ऐसे इंसानों को बच्चे चाहिए ही नहीं होते हैं तो क्यों जन्म देते हैं। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के ददरी घाट का है। वहां रहने वाले गुल्लू चौधरी मल्लाह हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम उन्हें नदी के किनारे लकड़ी का बॉक्स मिला। उसमें से रोने की आवाज आ रही थी। मल्लाह को देख घाट पर मौजूद कुछ और लोग भी जुट गए। लोगों ने बॉक्स खोला तो दंग रह गए। इसमें बच्ची चुनरी में लिपटी मिली।
गुल्लू का परिवार लड़की को अपने पास रख कर लालन पालन करना चाहता था लेकिन उसे लड़की को नहीं सौंपा गया।

नदी में तैर रहा था लकड़ी का बॉक्स :
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मंगलवार को गंगा में उतराता हुआ लकड़ी का बॉक्स दिखाई दिया। नदी किनारे रह रहे एक नाविक ने जब बॉक्स खोलकर देखा, तो उसमें एक नवजात बच्ची मिली। बॉक्स में मां दुर्गा की फोटो के साथ कई देवी-देवताओं के फोटो लगे थे। इसमें एक जन्म कुंडली भी मिली है। बच्ची को पुलिस आशा ज्योति केंद्र ले गई है। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है।

नामकरन पहले ही हुआ था :
जन्म कुंडली मे बच्ची का नाम गंगा लिखा था। उसका जन्म 25 मई को हुआ है। यानी उसकी उम्र महज तीन हफ्ते है। मासूम को नाविक अपने घर ले गया। उसके परिजन बच्ची को पालना चाहते थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी।
सूचना पर पुलिस टीम नाविक के घर पहुंची और बच्ची को आशा ज्योति केंद्र ले गई। फिलहाल गंगा में मिली नवजात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस बच्ची की मेडिकल जांच कराकर उसके परिजनों की तलाश कर रही है। चर्चा है कि ऐसा किसी अंधविश्वास या तांत्रिक अनुष्ठान को पूरा करने के लिए किया गया है।
नवजात का सरकारी खर्चे पर होगा पालन :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवजात बच्ची का चिल्ड्रन होम में रख कर पालन-पोषण करने का आदेश दिया है। सीएम योगी ने जिलाधिकारी गाजीपुर को आदेश दिया कि नवजात बच्ची को चिल्ड्रेन होम में रखा जाए और सरकारी खर्चे पर उसका पालन पोषण हो। साथ ही जिस नाविक ने उस बच्ची की जान बचाई थी उसे भी सरकारी आवास समेत सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *