BIG NEWS : दिल्ली पुलिस ने 20- किसान नेताओं को भेजा नोटिस , माँगा 3- दिन में जवाब

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नई दिल्ली  (पंजाब 365 न्यूज़) :देश  में गणतंत्र दिवस के मौके पर देश में ख़ुशहाली का माहौल  था।  महीनों की तैयारिओं को उस दिन अंतिम रूप दिया गया था।   लेकिन ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसा ने सबको मायूस कर दिया। किसान नेताओं ने पहले ही इस बात की घोषणा की थी की गणत्रंत दिवस पर हम ट्रैक्टर परेड करेंगे लेकिन नेताओं ने ये भी कहा था की हमारी ये परेड बिलकुल शांतिपूर्ण ढंग से होगी। 

लेकिन किसान नेता अपनी किसी भी बात पर खरे नहीं उतरे।  गणतंत्र दिवस के मौके पर जम कर हंगामा हुआ।  26- जनवरी को हुई ट्रैक्टर  रैली में हिंसा के दौरान पुलिस ने किसान नेता दर्शन पाल को नोटिस जारी  कर पूछा है की क्यों उनके खिलाफ  कोई कानूनी करवाई न हो। पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हिंसा को सबसे निंदनीय और राष्ट्र विरोधी कृत्य करार दिया है। इसलिए दिल्ली पुलिस ने दर्शन पाल को नोटिस जारी कर 3- दिनों के भीतर अपना जवाब पेश करने को कहा है।

उपद्रविओं ने गणतंत्र दिवस पर पूरा दिन तांडव  मचाया। इसके चलते ही किसान नेताओं पर FIR  हुई है।

दिल्ली पुलिस ने कहा की किसान नेताओं ने हमारे साथ 38- समझौतों पर सहमति के बाद ही किसान ट्रैक्टर रैली करने की अनुमति दी थी।  लेकिन दिल्ली पुलिस ने  किसानों के द्वारा किये गए सारे समझौते तोड़ने का आरोप लगाया है। कमिश्नर  ने आरोप लगाया है की हमारे साथ विश्वासघात हुआ है।  हमने किसानों के साथ समझौते के बाद ही उनको ट्रैक्टर मार्च की अनुमति दी थी लेकिन किसान समझौतों पर खरे नहीं उतरे।  पुलिस ने समझौते तोड़ने का आरोप लगाते हुए योगेंदर यादव , बलदेव सिंह सिरसा , बलबीर S राजेबाल समेत कम से क 20- किसान नेताओं को नोटिस जारी किया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने यहां अधिकारिओं के साथ बैठक की तो वहीँ दिल्ली पुलिस भी पुरे दिन करवाई करती रही।  दिल्ली पुलिस की और अब  तक 25- से ज्यादा FIR दर्ज़ की गयी है। वहीं 50-लोगों को हिरासत में लिया गया है और 19- लोगों को गिरफ्तार किया गया है ।

इन सब के इलावा विपक्ष की राजनितिक पार्टिओं ने भी बयान बाज़ी तेज़ कर दी है। गणतंत्र के दिन हुई हिंसा के कारण अब किसान आंदोलन जन समर्थन खो रहे है और सरकार भी अब सख्ती से पेश आ रही है। 

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