A superstition is like this: everyone got married in such a

एक अंधविश्वास ऐसा भी : मांगलिक दोष खत्म करने के लिए रचाई इस तरीके से शादी की रह गया हर कोई हैरान

Crime Punjab

जालंधर (पंजाब 365 न्यूज़ ) : इंसान जितना भी पढ़ा लिखा क्यों न हो अन्धविश्वास पर विश्वास करना कभी नहीं छोड़ता। अन्धविश्वास ने अपनी जड़े आज भी मजबूत बनाई हुई है। यहां अंधविश्वास के चलते इंसान किसी भी हद तक जा सकता है। ऐसा ही एक मामला पंजाब के जालंधर से सामने आया है। घटना जालंधर के बस्ती बावा खेल थाने की है।जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति की बेटी मांगलिक थी। जिस कारण से उसके विवाह में बार-बार रुकावट आ रही थी। इसके बाद किसी ने घरवालों को इस दोष को दूर करने का एक उपाय बताया। धविश्वास से ग्रसित परिवार ने पंडित की बात मानी और फिर दोष दूर करने का जो अजीब तरीका अपनाया, जिसे सुनकर सभी दंग रह गए। इसके बाद मामला थाने तक पहुंचा। पुलिस भी पूरा वाकया सुनकर हैरान रह गई।

मांगलिक युवती की शादी नहीं हो रही थी तो पंडित के कहने पर कुंडली का मंगलदोष दूर करने के लिए परिवार ने बेटी की 13 साल के बच्चे के साथ शादी रचा दी। हल्दी-मेहंदी से लेकर शादी की सभी रस्में हुई। बकायदा सुहागरात मनाने का नाटक भी हुआ और फिर उसके बाद युवती सुहागन की चूड़ियां तोड़ विधवा बनी। उसने पति की मौत पर विधवा विलाप किया और घर में शोक सभा भी हुई। करीब 6 दिन में घर के अंदर ही सिर्फ परिवार वालों की मौजूदगी में यह पूरा मामला निपटाया गया। इसके बाद बच्चे को घर भेज दिया गया।
बच्चा घर लौटा तो उसने परिवार वालों को आपबीती बयान की। जिससे उसके परिवार वाले घबरा गए कि कहीं उस पर कोई जादू तो नहीं कर दिया और पुलिस थाना बस्ती बावा खेल पहुंच गए। वहां दूसरे पंडित को बुलाकर बच्चे के परिवार को समझाया गया कि यह सब अंधविश्वास है। उनके बच्चे को कुछ नहीं होगा। जिसके बाद मामला शांत हुआ। मंगलवार देर रात करीब 11 बजे तक पुलिस थाना बस्ती बावा खेल में इसको लेकर मान-मनौव्वल चलती रही।

युवती थी ट्यूशन टीचर :
युवती ट्यूशन पढ़ाती थी। 13 साल का बच्चा भी उसके पास पढ़ने आता था। पंडित के बताए उपाय के मुताबिक उन्हें किसी इंसान से शादी करनी थी, जिसके लिए उन्हें बच्चे से शादी का आइडिया आया। पंडित भी इस सांकेतिक शादी के लिए राजी हो गया। बच्चा गरीब घर का था। यह देख युवती ने बच्चे के परिवार से कहा कि वह बच्चे को फ्री में ट्यूशन पढ़ा देगी, उसे उसके घर ही छोड़ दो। बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए परिवार झांसे में आ गया लेकिन युवती की चालाकी नहीं समझ सके। इसके बाद युवती ने बच्चे को पढ़ाने के साथ उससे शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी। इस दौरान बच्चे को बाहर नहीं आने-जाने दिया गया। फ्री में ट्यूशन के बदले उससे घर का काम भी कराया गया। मामले के सामने आने से इलाके के लोग हैरान हैं। डीसीपी गुरमीत सिंह का कहना है कि उनको इस मामले की जानकारी नहीं है लेकिन वह इसकी जांच करवाएंगे।

कब खत्म होंगी ऐसी सोच :
अब सोचने की ये बात है की कब तक हमारा पढ़ा लिखा समाज ऐसी बातों में आकर ऐसे कदम उठाता रहेगा । कब ऐसी बाते सुनना बंद होगी की किसी ने अंधविश्वास में आकर ये कर दिया किसी ने अंधविश्वास में आकर किसी को मार दिया , कोई किसी ढोंगी बाबा की बातों में आ गयी , कोई अपने बचओं की ही बलि दे देता ही। कब लोग इन अंधविश्वास पर विश्वास करना बंद करेंगे।

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