Corona test will be

पंजाब में हर रोज इतने विद्यार्थिओं का होगा कोरोना टेस्ट

Corona Update Education Punjab

पंजाब (पंजाब 365 न्यूज़ ) : कोरोना वायरस एक बार फिर से पेअर पसारने लग पड़ा है। इस बार अगर तीसरी लहर आई तो ये दूसरी लहार से भी जयादा हतरनाक साबित हो सकती है। क्योकि कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने कोरोना की न तो पहली लहर से कोई सबक लिया और न ही दूसरी लहर से। लेकिन जब प्यूरी देश के साथ साथ पंजाब में भी कोरोना की दूसरी लहर कमज़ोर पड़ी तो सब कुछ धीरे धीरे अनलॉक होता गया वक़्त के साथ साथ स्कूल भी 2,अगस्त से खोल दिए गए लेकिन अभी दो दिन पहले ही लुधियाना में स्कूल के बच्चे संक्रमित होने से सनसनी फ़ैल गयी। लुधियाना के दो सरकारी स्कूलों में 20 विद्यार्थियों के संक्रमित पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग की तरफ से कोविड टेस्टिंग की प्रक्रिया को बढ़ाने के आदेश जारी हो गए हैं। जिसके तहत प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी, स्कूल मुखी को हिदायतें दी हैं कि वे अपने-अपने स्कूलों के बच्चों को संक्रमण से मुक्त रखने के लिए कोविड टेस्टिंग कराएं। जिसे लेकर विभाग की तरफ से राज्य भर के स्कूलों से प्रति दिन 10 हजार के हिसाब से कोविड टेस्टिंग करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके तहत प्रत्येक जिले में कोविड टेस्ट कराने संबंधी टेंटिव डाटा सांझा किया है। जरूरतानुसार जिला शिक्षा अधिकारी व स्कूल मुखी तय टेस्टिंग से टेस्ट की संख्या को बढ़ा भी सकते हैं।

इसमें जालंधर के 647, लुधियाना के एक हजार, अमृतसर के 790, पटियाला के 700, संगरूर के 570, गुरदासपुर के 565, फाजिल्का के 562, होशियारपुर के 560, तरनतारन के 480, फिरोजपुर और एसएएस नगर के 420, मुक्तसर, मोगा के 390, मानसा के 350, कपूरथला के 260, फरीदकोट के 250, रूप नगर के 240, फतेहगढ़ साहिब के 220, एसबीएस नगर के 220, बरनाला के 210, पठानकोट के 205 टेस्ट किए जाने हैं।
यह टेस्ट जिला शिक्षा अधिकारी संबंधित जिले के कोविड नोडल अफसर के साथ मिलकर स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ-साथ स्टाफ के टेस्ट करवाएंगे।
रोजाना स्कूलों में करवाई जाने वाली कोविड टेस्टिंग और कोविड पॉजिटिव विद्यार्थियों व स्टाफ की जानकारी स्कूल लागइन आईडी पर कोविड रिपोर्ट लिंक पर दर्ज करनी यकींनी होगी। वैक्सीनेशन का डाटा भी स्टाफ को अपने स्टाफ लागइन आईडी पर दर्ज करना होगा। डायरेक्टर शिक्षा विभाग सेकेंडरी ने हिदायतों जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी अपने-अपने जिले के सरकारी, एडिड, मान्यता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों के साथ राफ्ता कायम रखने और सरकार व विभाग की तरफ से कोविड-19 से जुड़ी हिदायतों का पालन यकीनी तौर पर पालन करवाने को कहा है।
अब देखना ये होगा की सभी कितनी सावधानी से स्कूल चला पाते है। जब कुछ माँ बाप के साथ बात की तो पता चला की अभी कई माँ बाप बच्चों को स्कूल भेजना नहीं चाहते क्योकि जिन्होंने डेड साल से बंदिशे सही है दो चार महीने और सही। लोगो का कहना है की जब तक बच्चों के लिए कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक वो अपने बच्चों की जिंदगी के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहते ,और सही भी है क्योकि दो चार महीनों से अब कोई फर्क नहीं पड़ता बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन तो चल ही रही है।

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